हरिद्वार।
गंगा में गिर रहे गंदे नालों को बार-बार टेप किए जाने का दावा कर रहे जल संस्थान गंगा अनुरक्षण इकाई के अधिकारियों का झूूठ जिलाधिकारी दीपक रावत के बुधवार को किए गए भौतिक निरीक्षण के दौरान सामने आ गया। इस दौरान कई ऐसे नालों का गंदा पानी में गंगा में गिरता दिखा जो कागजों में टेप किया जाना दर्शाया गया था। जिलाधिकारी ने इस बारे में कड़ी नाराजगी जताते हुए संबंधित अफसरों को कड़ी फटकार लगाई साथ ही एक अधिकारी का हरिद्वार से कहीं और स्थानांतरण करने की भी संस्तुति की।
पिछले काफी समय से जल संस्थान के अधिकारी दावा करते रहे हैं कि गंगा में गिर रहे गंदे नाले पूरी तरह टेप कर दिए गए हैं। इस नालों की जिलाधिकारी ने पहले भी रिपोर्ट तलब की थी। बुधवार को जिलाधिकारी दीपक रावत ने नगर मजिस्ट्रेट मनीष कुमार सिंह समेत कई अन्य अधिकारियों के साथ शहर में कई जगह छापेमारी की। जिलाधिकारी ने ऋषिकुल के पास बह रहे नाले के पानी टेपिंग नहीं किए जाने के कारण गंगा में बहता पाया। इस दौरान जानकारी मिली कि इस नाले के पानी को पंपिंग स्टेशन के माध्यम से जगजीतपुर एसटीपी भेजने के लिए स्टेशन तो बनाया गया लेकिन स्टेशन काम नहीं कर रहा था। जिसकी वजह से नाला गंगा चैनल में गिर रहा था। इस पर डीएम ने जल संस्थान के अवर अभियंता राजेश कुमार चौहान मायापुर क्षेत्र के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई और हरिद्वार से अन्यत्र इनका स्थानांतरण किये जाने की संस्तुति शासन की किए जाने बात कही।
जिलाधिकारी ने निरीक्षण के दौरान पाया कि नाले का टेपिंग के लिए केवल ढांचा ही बनाया गया है। जबकि अधिकारी नाला टेप करने की गलत जानकारी दे रहे थे। जिलाधिकारी ने इन अधिकारियों को फटकार लगाते हुए कहा कि टेपिंग से छूटे नालों को जल्दी ही टैप करने के आदेश दिए। कहा कि टैपिंग का कार्य नमामि गंगे योजना के माध्यम से किया जाना है।
हरकी पैड़ी क्षेत्र में निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने एक होटल का गंदा पानी कूड़े सहित नाली के माध्यम से सीवेज में बहता पाया। इस दौरान कई लोगों ने बताया कि इस कूड़े की वजह से रोजाना सीवर चोक होकर गटर के उबलने से गंदा पानी हरकी पैड़ी पर फैल जाता है। इस पर जिलाधिकारी ने होटल चोटीवाला के स्वामी से नगर निगम के माध्यम से 15 हजार रुपये का जुर्माना लगाया। नगर निगम के मार्फत यह जुर्माना मौके पर ही वसूला गया। साथ ही चेतावनी दी कि दोबारा ऐसा पाया गया तो होटल सील कर दिया जाएगा। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि नगर निगम से दो कर्मचारी इसी काम पर लगाए जाएं कि हरकी पैड़ी क्षेत्र के होटलों का कूड़ा और गंदगी कहां निस्तारित किया जा रहा है। जिलाधिकारी ने शहरभर में जगह-जगह हो रही पेयजल की लीकेज को भी तीन दिन के अंदर ठीक करने के निर्देश दिए हैं।
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पॉलिथीन का गोदाम किया सील
हरिद्वार। गंदे नालों का भौतिक निरीक्षण करने के बाद जिलाधिकारी दीपक रावत ने अन्य अधिकारियों के साथ ज्वालापुर कटहरा बाजार में पॉलिथीन के बड़े सप्लायर अल्फा प्लास्टिक की दुकान पर भी छापा मारा। इस दौरान पाया गया कि कटहरा बाजार स्थित मस्जिद में पॉलिथीन का गोदाम बनाकर यहां से पूरे शहर में पॉलिथीन सप्लाई की जा रही थी। छापे के दौरान भी दुकान के मालिक द्वारा सप्लाई की जा रही थी। पूरा गोदाम तो पॉलिथीन से भरा हुआ था ही साथ ही दुकान की भी करीब पांच मंजिलें पॉलिथीन और प्लास्टिक के अन्य सामान से भरी पड़ी थी। मस्जिद के गोदाम में भारी मात्रा में पॉलिथीन बरामद की गई। इस पर गोदाम और दुकान को सील कर दिया गया। छापेमारी के दौरान नगर निगम के नगर आयुक्त नितिन भदौरिया, सिटी मजिस्ट्रेट मनीष सिंह, जल संस्थान के अधिशासी अभियंता नरेश पाल, गंगा प्रदूषण के अधिशासी अभियंता राजीव जैन, पेयजल निगम के अवर अभियंता आरएस गुप्ता और जल संस्थान के अवर अभियंता राजेश कुमार आदि अधिकारी मौजूद रहे।