- एक लय, एक स्वर में गूंजा वंदे मातरम्, दिखा विराट दृश्य
वंदे मातरम् राष्ट्र की चेतना का गान : पदम
संवाद न्यूज एजेंसी
हरिद्वार। वंदे मातरम् की रचना के 150 गौरवशाली वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर नमामि भारतम् एक समय, एक लय, एक स्वर अभियान के तहत सरस्वती विद्या मंदिर मायापुर और बीएचईएल सेक्टर-2 में वंदे मातरम् के ऐतिहासिक सामूहिक गायन किए गए। इसमें 3930 लोगों ने सहभागिता की। जिनमें 2773 छात्र-छात्राएं, 981 अभिभावक, 161 शिक्षक और 15 अतिथिगण शामिल रहे।
सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज मायापुर में बतौर मुख्य वक्ता राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ पश्चिमी उत्तर प्रदेश क्षेत्र और उत्तराखंड के प्रचार प्रमुख पदम ने कहा कि वंदे मातरम् केवल एक गीत नहीं, बल्कि, राष्ट्र की चेतना का गान है। यह मातृभूमि के प्रति गौरव और स्वतंत्रता संग्राम की स्मृतियों से जुड़ा है।
कहा कि विद्या भारती अखिल भारतीय शिक्षा संस्थान नई दिल्ली के मार्गदर्शन में देशभर में 25 हजार से अधिक स्थानों पर एक करोड़ से अधिक विद्यार्थियों, शिक्षकों, अभिभावकों और नागरिकों ने एक समय पर वंदे मातरम् गाया। उत्तराखंड में ही 552 स्थानों पर लगभग दो लाख लोगों ने भागीदारी की। उन्होंने कहा कि भौगोलिक, भाषाई और सांस्कृतिक विविधताओं के बावजूद एक साथ गूंजता वंदे मातरम् राष्ट्रीय एकता का विराट दृश्य प्रस्तुत करता है।
प्रदेश निरीक्षक डॉ. विजयपाल सिंह ने कहा कि ऐसे आयोजन नई पीढ़ी को देश की गौरवशाली परंपराओं और संस्कारों से जोड़ने का प्रभावी माध्यम हैं। इस ऐतिहासिक सामूहिक गायन को एशिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स और इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में दर्ज कराने के लिए प्रमाणन की प्रक्रिया भी की जा रही है। इस मौके पर उछाली आश्रम के परमाध्यक्ष विष्णुदास महाराज, विद्यालय प्रबंध समिति के अध्यक्ष जगपाल सिंह, प्रबंधक डॉ. कपिल गोयल, कोषाध्यक्ष प्रभुदयाल अग्रवाल, सदस्य रमेश भाटिया, प्रकाश जोशी, इंडियन बैंक हरिद्वार के शाखा प्रबंधक दीपक कुमार रस्तोगी, विद्या भारती के प्रांत प्रमुख हेमराज सिंह, शिशु मंदिर के प्रधानाचार्य करणेश सैनी, प्रधानाचार्य अजय सिंह आदि मौजूद रहे।
सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज, सेक्टर-2 भेल रानीपुर में विद्या भारती उत्तराखंड के मंत्री डॉ. रजनीकांत शुक्ल ने कहा कि वंदे मातरम् ने स्वतंत्रता आंदोलन में राष्ट्रप्रेम और स्वाभिमान को जागृत किया। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के विभाग प्रचारक राकेश ने कहा कि वंदे मातरम् मातृभूमि के प्रति श्रद्धा और समर्पण का भाव है, जो व्यवहार में भी दिखना चाहिए। श्रीमहंत रविंद्रपुरी ने कहा कि हजारों बच्चों का एक साथ गायन भारत की एकता का अद्भुत दृश्य है। यही संस्कार आने वाली पीढ़ी को राष्ट्र से जोड़ता है। इस मौके पर पूर्व भेल नगर प्रशासक संजय पंवार, जिला संघ चालक डॉ. यतींद्र नागियान, पार्षद अनुज सिंह, प्रधानाचार्य लोकेंद्र अंथवाल, कमल सिंह रावत आदि मौजूद रहे।