अमर उजाला ब्यूरो
हरिद्वार। सोसायटी रजिस्ट्रार की ओर से गंगा सभा की बैठक पर रोक लगाने के बाद अब महामंत्री खेमा रजिस्ट्रार को जवाब देने की तैयारियों में जुटा है।
महामंत्री को उस समय बड़ा धक्का लगा था, जब वयस्क मतदान के लिए बुधवार को बुलाई गई सभा की बैठक पर रजिस्ट्रार ने रोक लगा दी थी। अब विपक्षी खेमे द्वारा उठाई शिकायतों का निवारण सिलसिलेवार किया जाएगा।
गंगा सभा के महामंत्री रामकुमार मिश्रा ने बताया कि वयस्क मताधिकार की मांग पुरानी है और वे बैठक कर इस पर सदस्यों की राय मांग रहे थे। गंगा सभा के संविधान में स्पष्ट उल्लेख है कि कोई भी संशोधन एजेंडे पर लाकर तथा बैठक बुलाकर किया जाएगा। इसलिए उन्होंने 20 जूून की बैठक में प्रधानसभा की ओर से पारित प्रस्ताव के आधार पर बैठक बुलाई थी। महामंत्री ने माना कि उन्हीं के अध्यक्ष पुरुषोत्तम शर्मा उनके प्रस्ताव का विरोध कर रहे हैं। पुरुषोत्तम शर्मा, पूर्व सभापति ओमप्रकाश शर्मा तथा पूर्व अध्यक्ष अशोक त्रिपाठी के साथ सोसायटी रजिस्ट्रर के कार्यालय भी गए। जबकि सभा के मसलों को सभा के पटल पर ही रखकर हल करना चाहिए। रजिस्ट्रार के निर्देश पर बुधवार की बैठक स्थगित की गई। अब शीघ्र ही उठाए गए सवालों का जवाब बिंदुवार दिया जाएगा। उनके साथी जवाब लेकर रजिस्ट्रार कार्यालय जाएंगे।
उधर, गंगा सभा के पूर्व पदाधिकारियों ने बैठक पर रोक को न्याय की विजय के रूप में लिया है। पूर्व अध्यक्ष और नेता प्रतिपक्ष अशोक त्रिपाठी ने कहा कि महामंत्री रामकुमार मिश्रा ने एक बार भी सबकी राय से काम करने का निर्णय नहीं लिया। यदि वे सभा का मंच उपलब्ध कराकर पक्ष- विपक्ष के साथियों को बुलाते तो कोई हल निकल सकता था। गंगा सभा के लिए सौ वर्ष तक अनेक महापुरुषों ने बड़े-बड़े काम किए हैं। किसी को भी महामना के सिद्धांतों से खिलवाड़ नहीं करने दिया जाएगा।