हरिद्वार। कांगड़ी ग्राम पंचायत के चंडीघाट क्षेत्र के 2200 वोटरों में से 800 के नाम गायब होने से लोगों ने बूथ पर हंगामा काटा। गुस्साए लोग घिराव करने लगे तो एक प्रत्याशी का पति भाग निकला। विधायक स्वामी यतीश्वरानंद ने वोट काटने के लिए राज्य सरकार को जिम्मेदार ठहराया।
रविवार को चंडीघाट क्षेत्र से कई लोग बूथ पर मतदान करने पहुंचे। पहुंचते ही एक-एक को पता चलता रहा कि उनका इस बार वोट नहीं बना है। इससे बूथ पर अधिकारी भी हैरान हो गए। चंडीघाट निवासी दिव्य प्रेम सेवा मिशन के जितेंद्र कुमार, आशीष, दीपक आदि ने बताया कि लोकसभा और विधानसभा चुनाव में उनके नाम मतदाता सूची में थे। पंचायत चुनाव के लिए भी बीएलओ ने उनसे फार्म भरवाए थे। उसके बावजूद मतदाता सूची में एक बड़ी मतदाता संख्या गायब है। जबकि इससे पहले हमने प्रत्येक चुनाव में वोट डाले हैं। बताया कि क्षेत्र में 2200 वोटर हैं लेकिन सूची से 800 के नाम गायब हैं। वोट से वंचित लोगों ने बताया कि यहां बसने के बाद वोट डालने का अधिकार मिला था लेकिन इस बार वह उससे भी वंचित रह गए हैं।
मतदान के समय पहुंचे एक जिला पंचायत के प्रत्याशी पति को वोट से वंचित कई लोगों ने घेर लिया। लेकिन जब गुस्साए लोग भड़क गए तो प्रत्याशी ने भागकर पीछा छुड़ाया। मौके पर पहुंचे हरिद्वार ग्रामीण विधायक स्वामी यतीश्वरानंद ने लोगों का मुद्दा विधानसभा में उठाने का आश्वासन दिया। वह इस मामले को लेकर हाईकोर्ट में जाएंगे। आरोप लगाया कि यह सब राज्य सरकार के इशारे पर हुआ है। पहले परिसीमन और बाद में आरक्षण में घपला प्रदेश सरकार ने किया। अब लोगों के नाम ही मतदाता सूची से गायब कर दिए हैं। कांग्रेस के प्रदेश सचिव जेपी पांडे ने आरोप लगाया कि यह कारनामा भाजपाइयों का है।
अन्य स्थानों पर कटे नाम
मतदाता सूची से नाम कटने का मामला अधिकतर बूथों पर सामने आया। गुरुकुल कांगड़ी के पीछे वाल्मीकि बस्ती के 26 मत, जमालपुर कलां, जगजीतपुर आदि क्षेत्रों से कई के नाम सूची से गायब थे। बादशाहपुर गांव में करीब 60 नाम सूची से थे। सीतादेवी, पदम सिंह, गजे सिंह, हरपाल सिंह, कलीराम, बिट्टू, योगेश आदि ने बताया कि वह मतदान करने पहुंचे थे लेकिन इस बार उनका नाम गायब था। धनपुरा के पूर्व प्रधान गालिब हसन ने बताया कि उनके गांव से सैकड़ों मतदाताओं के नाम गायब हैं। भागीरथीपुरम की मीना कौशल ने बताया कि उनके पूरे परिवार का नाम ही गायब है। बहादराबाद, रुहालकी, सलेमपुर, रावली महदूद, सीतापुर, सराय आदि में कई लोगों ने आरोप लगाया कि पहली बार इस पंचायत चुनाव में वोट नहीं डाल पाए।