किशोरी को बहला फुसलाकर ले जाकर दुष्कर्म करने व लैंगिक शोषण के मामले में विशेष फास्ट ट्रैक कोर्ट/अपर सत्र न्यायाधीश पारुल गैरोला ने युवक को दोषी दोषी पाते हुए 20 वर्ष के कठोर कारावास और 60 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है।
शासकीय अधिवक्ता भूपेंद्र कुमार चौहान ने बताया कि 10 फरवरी 2019 की शाम के समय थाना श्यामपुर क्षेत्र के एक गांव की 16 वर्षीय एक किशोरी अपनी मां की डांट से नाराज होकर घर से चली गई थी। परिवार के लोगों ने उसकी काफी तलाश की लेकिन कोई पता नहीं चला। परिवार के लोगों को पता चला कि क्षेत्र में रहने वाला एक युवक भी लापता है। परिजनों ने पुलिस को दी तहरीर में आरोपी युवक पर उनकी बेटी को बहला फुसलाकर ले जाने का शक जताया था। पुलिस ने घटना के बाद आरोपी युवक को बिहार से गिरफ्तार कर पीड़िता को बरामद किया था।
पीड़िता ने बताया था कि आरोपी युवक ने उससे कई बार शारीरिक संबंध बनाए। पीड़िता के पिता ने आरोपी पर पीड़िता को बहला फुसलाकर ले जाने, दुष्कर्म करने के मामले में पॉक्सो एक्ट की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने जांच के बाद आरोपी राजन कुमार निवासी ग्राम भवानीपुर, सोनडीहा राजधाम जिला पूर्णिया बिहार के खिलाफ बहला फुसलाकर ले जाने दुष्कर्म व पॉक्सो एक्ट की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किए थे। शासकीय अधिवक्ता भूपेंद्र कुमार चौहान ने अभियोजन पक्ष की ओर से की ओर से नौ गवाह पेश किए। मामले की सुनवाई के बाद विशेष फास्ट ट्रैक कोर्ट/अपर सत्र न्यायाधीश पारुल गैरोला ने आरोपी राजन कुमार को दोषी पाते हुए 20 वर्ष के कठोर कारावास व 60 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है। न्यायालय ने अर्थदंड की प्राप्त धनराशि में से पचास हजार रुपये पीड़िता को देने के आदेश दिए हैं। साथ ही किशोरी को निर्भया फंड से प्रतिकर धनराशि जिला विधिक सेवा प्राधिकरण से दिलाने के निर्देश निर्देश दिए हैं।