फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

दर्जनों स्थानों पर स्थापित हुए भगवान गणेश

विज्ञापन
विज्ञापन
हरिद्वार। भगवान गणपति की मूर्तियों की स्थापना बृहस्पतिवार को धर्मनगरी के कई स्थानों पर पूजा अर्चना के साथ की गई। श्रद्धालुुओं ने व्रत रखकर गणपति को चौक-चाकड़ी के लड्डुओं का भोग लगाया। कलश स्थापना के बाद संकीर्तन के आयोजन किए गए। अब तीन से 11 दिनों तक गणपति वंदन किया जाएगा। अनंत चतुर्दशी के दिन प्रतिमाओं का विसर्जन गंगा में किया जाएगा।
विज्ञापन

सार्वजनिक स्थानों के साथ-साथ घरों में भी गणपति बैठाए गए। पंचपुरी के हजारों घरों में विनायक पूजा स्थापना के बाद शुरू हो गई है। हरिद्वार के श्रवणनाथ मठ में गणपति स्थापना वैदिक मंत्रों के साथ की गई। ऋषिकुल के मैदान में महोत्सव समिति की ओर से स्थापना के साथ भव्य मेला भी लगा। हरकी पैड़ी, सुभाष घाट, कुशावर्त घाट, हनुमान घाट, नींबूवाला घेर, श्रवणनाथ मठ, रामलीला मैदान, भोला गिरि मार्ग, गीता भवन, गुजरांवाला भवन, विष्णु भवन, ऋषिकुल, देवपुरा चौक, अवधूत मंडल, शंकर आश्रम आदि स्थानों पर गणपति की मूर्तियां स्थापित की गई। मध्य हरिद्वार के हनुमान मंदिर में गणपित की स्थापना समारोह पूर्वक हुई। कनखल में दक्ष प्रजापति मंदिर के समीप गणपति आसीन हुए। मां आनंदमयी मां के मंदिर में भी गणेश स्थापना हुई। भूपतवाला में विश्वनाथ धाम आश्रम में प्रखर महाराज के निर्देशन में गणेश प्रतिमा स्थापना समारोह में शहरी विकास मंत्री मदन कौशिक ने पूजा अर्चना की। इस दौरान नरेश शर्मा, विदित शर्मा, सुभाष चंद, शंकर शर्मा, दीपक अरोड़ा, रवि मनोचा, राजू, प्रिंस आदि शामिल हुए। ज्वालापुर चौक बाजार स्थित प्राचीन भाईजी मंदिर में पंडित शिव प्रसाद रमन के संयोजन में गणपति स्थापन का भव्य आयोजन किया गया। पुरोहित धर्मशाला में विनायक महोत्सव पंडित हरिओम शास्त्री के आचार्यत्व में पंडित आशीष गौतम, शिवम जयवाल, सिद्धार्थ कीर्तिपाल, उमेश वशिष्ठ आदि नरे सहल्स्त्रार्चन में भाग लिया। ज्वालापुर के देवतान, चाकलान, रामलीला मैदान, पुरानी अनाज मंडी, डाट मंदिर, उदयेश्वर मंदिर आदि में गणपति की मूर्तियों की स्थापना की गई। गणेश चौथ के अवसर पर पंडित जगदीश खेवड़िया के संयोजन में गणपति भोज भी आयोजित किया गया। पंचपुरी के अधिकांश घरों में गणपति का जन्म दिवस श्रद्धा पूर्वक मनाया गया। हजारों लोगों ने अपने घरों में गणपति प्रतिमाएं स्थापित की। इन प्रतिमाओं को अलग-अलग तिथियों पर गंगा में विसर्जित किया जाएगा। बड़े पंडालों की प्रतिमाएं 11 दिन बाद विसर्जित होगी। अब प्रतिदिन पंडालों में कोई न कोई आयोजन होता रहेगा। गणपति बप्पा के आगमन पर पंचपुरी और भेल के मराठी समाज ने घरों में सामूहिक रूप से पूजा आयोजित की।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें