ब्यूरो/अमर उजाला, हरिद्वार। भारतीय वायुसेना के शहीद स्क्वॉड्रन लीडर सिद्धार्थ वशिष्ठ की अस्थियां शनिवार को मंत्रोंच्चारण के साथ पिता जगदीश चंद्र वशिष्ठ ने कनखल स्थित सतीघाट पर गंगा में प्रवाहित की। अस्थियां विसर्जित कर पिता की आंखों से आंसु छलक उठे और घाट का माहौल भी गमहीन हो गया।
बीते बुधवार जम्मू कश्मीर के बड़गाम में भारतीय वायुसेना का एमआई-17 हेलीकॉप्टर क्रैश होने से मूल रूप से हमीदपुर, तहसील नारायणगढ़ जिला अंबाला निवासी स्क्वॉड्रन लीडर सिद्धार्थ वशिष्ठ शहीद हो गए थे। शुक्रवार को चंड़ीगढ़ में उनका अंतिम संस्कार किया गया। शनिवार को उनके पिता जगदीश चंद्र वशिष्ठ, चाचा हरीश वशिष्ठ, सतीश वशिष्ठ, चचेरे भाई डा. पार्थ वशिष्ठ, रोहन वशिष्ठ, चंचल वशिष्ठ और अमन वशिष्ठ अस्थि विसर्जन के लिए हरिद्वार के कनखल स्थित सती घाट पहुंचे। इस दौरान उनके हरिद्वार में रहने वाले उनके रिश्तेदार भी घाट पर पहुंच गए। यहां पुरोहित पंडित गिरिराम शर्मा और सागर शर्मा ने विधि विधान के साथ कर्मकांड कराया। इसके बाद पिता ने अस्थियों को गंगा में विसर्जित की।
मेयर अनीता शर्मा ने अस्थि विसर्जन के दौरान शहीद को श्रद्धांजलि दी। मेयर ने कहा कि ये देश हमेशा शहीदों का कर्जदार रहेगा। ज्यादातर लोग अपने लिए जीते हैं, लेकिन सैनिक देश के लिए जीता है और देश की रक्षा में ही शहीद होता है। उन्होंने कहा कि सिद्धार्थ वशिष्ठ की तरह देश के अन्य शहीदों के बलिदान को व्यर्थ नहीं जाने दिया जाएगा। देश का हर नागरिक सैनिकों और उनके परिवार के साथ खड़ा है। इस दौरान कांग्रेस शहर अध्यक्ष नितिन तेश्वर, शुभम अग्रवाल, पार्षद सुनील अग्रवाल, राधेकृष्ण, नागेंद्र सिंह राणा, विकास कुमार, लोकेश पाल, नितिन माणा, लच्छी राम, पूर्व सभासद अशोक शर्मा आदि शामिल रहे।