अमर उजाला ब्यूरो
हरिद्वार।
बीमारी से हार मानकर मौत को गला लगाने वाले डीपीएस के छात्र सात्विक शर्मा को नम आंखों के साथ अंतिम विदाई दी गई। कनखल के श्मशान घाट पर तहेरे भाई भावेश ने छात्र की चिता को मुखाग्नि दी। तीर्थ पुरोहित समाज से जुड़े लोग भारी संख्या में अंतिम यात्रा में शामिल होने पहुंचे। इधर, छात्र के घर में कोहराम मचा हुआ है। पूरे परिवार का रो- रो कर बुरा हाल है।
ज्वालापुर के मोहल्ला दल्लालान निवासी पेशे से तीर्थ पुरोहित श्वेतकांत शर्मा के चौदह वर्षीय बेटे सात्विक ने रविवार की शाम लाइसेंसी पिस्टल से खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली थी। डीपीएस के आठवीं कक्षा के छात्र रहे सात्विक ने बीमारी से आजिज आकर खुदकुशी की थी, ये ही बात निकलकर सामने आई थी। देर शाम परिजनों के अनुरोध पर पुलिस ने शव को कब्जे में नहीं लिया था, लेकिन सोमवार सुबह पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। इधर, जिला अस्पताल कैंपस में तीर्थ पुरोहित समाज से जुड़े लोग भारी संख्या में पहुंचे। हर कोई पिता श्वेतकांत शर्मा को ढांढस बंधाने में जुटा रहा। दोपहर बाद पोस्टमार्टम के बाद छात्र की पार्थिव देह को कनखल श्मशान घाट ले जाया गया, जहां उसे अंतिम विदाई दी गई। लाडले रहे छात्र के अंतिम संस्कार के दौरान हर किसी की आंखें नम हो गई। हर कोई छात्र के सरल स्वभाव की चर्चा करता दिखाई दिया।