- नोटरी के फर्जी हस्ताक्षरों का आरोप, विरोध करने पर जान से मारने की धमकी देने की भी शिकायत
हरिद्वार/बहादराबाद। बहादराबाद थाना क्षेत्र में फर्जी विक्रय अनुबंध और नोटरी के कथित कूटरचित हस्ताक्षरों के आधार पर प्लॉट पर 18 लाख रुपये का लोन कराने का मामला सामने आया है। एसएसपी के निर्देश पर बहादराबाद पुलिस ने आरोपी मोहित निवासी ग्राम अकालगढ़, कलानौर (यमुनानगर, हरियाणा), हाल जाट कॉलोनी, रोहालकी किशनपुर के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस के अनुसार, न्यू शिवालिक नगर निवासी एवं लखनऊ हाईकोर्ट खंडपीठ के अधिवक्ता जितेश सिंह उर्फ जे.के. चौधरी ने शिकायत में बताया कि उन्होंने 19 जुलाई 2025 को रोहालकी किशनपुर में 840 वर्गफीट का प्लॉट खरीदा था। आरोप है कि मोहित ने प्लॉट खरीदने के नाम पर उनकी पत्नी एकता के नाम इकरारनामा कराया और बाद में बैंक से लोन न मिलने की बात कहकर दस्तावेज वापस कर दिए। इसके बाद फर्जी विक्रय अनुबंध तैयार कर आदित्य बिरला हाउसिंग फाइनेंस लिमिटेड से उसी प्लॉट पर 18 लाख रुपये का लोन स्वीकृत करा लिया तथा बिना जानकारी के 1.05 लाख रुपये उनके खाते में भी जमा करा दिए। शिकायत में आरोप है कि पूछताछ पर मोहित ने अपने भाई और अन्य लोगों की मदद से फर्जी दस्तावेज तैयार करने की बात स्वीकार करते हुए लोन निरस्त कराने का आश्वासन दिया, लेकिन विरोध करने पर झूठे मुकदमे में फंसाने और जान से मारने की धमकी दी। नोटरी अधिवक्ता से सत्यापन में संबंधित अनुबंध का नोटरीकरण न होना और हस्ताक्षर फर्जी पाए गए। सीओ संजय चौहान ने बताया कि मामले की जांच जारी है। संवाद