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बाढ़ के मुहाने पर आया घाड़ क्षेत्र

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अमर उजाला ब्यूरो
धनौरी। जनपद का सबसे पिछड़ा क्षेत्र घाड़ बाढ़ के मुहाने पर है। बाढ़ चौकियों पर समुचित संसाधन नहीं होने और गांवों के तटबंध टूटे होने से लोगों के माथे पर चिंता की लकीर खीेंची हुई हैं। उन्होंने बाढ़ सुरक्षा के व्यापक प्रबंध करने की मांग की है।
बरसाती नदियों में पानी बढ़ने से घाड़ क्षेत्र में पिछले वर्षों में कहर बरपता रहा है। गांवों के किनारे बने अधिकतर तटबंध क्षतिग्रस्त हैं। ऐसे में बरसाती नदियाें के उफान पर होने से यहां बाढ़ जैसे हालात पैदा हो सकते हैं। घाड़ क्षेत्र में औरंगाबाद, तेलीवाला, हजाराग्रंट, टांडा टीहरा, कोटा खेडा, कोटा मुरादनगर, धनौरा, डालूवाला कलां, रसूलपुर टोंगिया, डालूवाला खुर्द, रिटौरा ग्रंट, बड़ी लाम, लालवाला आदि गांव नदियों के किनारे बसे हैं। नदियों के उफान पर आते ही इन गांवों में जन-जीवन अस्त- व्यस्त हो जाता है।
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धनौरी क्षेत्र मे जसवावाला और तेलीवाला के बीच कांसरो नदी पर बना 650 मीटर लंबा तटबंध अधिकांश जगह क्षत्रिग्रस्त हैं। ग्रामीणों ने तटबंध क्षतिग्रस्त होने की सूचना देने के बावजूद प्रशासन ने कोई कदम नहीं उठाया है।
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जसवावाला निवासी और घाड़ क्षेत्र संघर्ष समिति के अध्यक्ष सुभाष सैनी और पूर्व प्रधान देशराज बताते है कि बारिश होने पर नदियां उफान पर होंगी, जिससे गांव पर भी खतरा मंडरा रहा है। उन्होंने समय रहते तटबंध की मरम्मत करने एवं बाढ़ सुरक्षा उपाय के लिए सकारात्मक कदम उठाने की मांग की है।
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