ब्यूरो/अमर उजाला, हरिद्वार
लोक निर्माण विभाग ने क्षतिग्रस्त हिल बाईपास की मरम्मत कर कांवड़ मेला में छोटे वाहनों को चलाने लायक बनाने का दावा किया है। शुक्रवार को मुख्यमंत्री ने कांवड़ यात्रा को लेकर देहरादून में बैठक की थी। उन्होंने पीडब्ल्यूडी के वरिष्ठ अधिकारियों को हिल बाईपास का निरीक्षण और ठीक कराने का निर्देश दिया था।
बैठक के बाद पीडब्ल्यूडी के प्रमुख अभियंता हरिमोहन शर्मा हरिद्वार आए और अधीनस्थ अधिकारियों के साथ हिल बाईपास मार्ग का निरीक्षण किया। उन्होंने क्षतिग्रस्त मार्ग पर किए गए मरम्मत कार्य को भी देखा है। उन्होंने रोड को दुर्घटना रहित बनाने के लिए डेंजर स्थानों को सुरक्षित बनाने के लिए मार्ग सुधार का कुछ और काम करने का निर्देश दिया है। हिल बाईपास मार्ग मंशा देवी मंदिर के नीचे शिवालिक पर्वतमाला पर स्थित है। पहले यह मार्ग ललतारौ से खड़खड़ी तक लगभग छह किलोमीटर लंबा था। अर्द्धकुंभ 2016 में इस मार्ग पर लगभग 32 करोड़ रुपये खर्च कर खड़खड़ी से मोतीचूर तक विस्तार किया गया था। अर्द्धकुंभ समाप्त होने के बाद 2016 की बरसात में खड़खड़ी में पुल की एप्रोच धंस कई थी और पूरे मार्ग पर जगह-जगह सिल्ट जमा हो गई थी। तब ही हिल बाईपास मार्ग ठप पड़ा था।
हिल बाईपास की राह में पार्क की बाधा
पीडब्ल्यूडी के इस रोड पर दोनों तरफ पार्क प्रशासन ने गेट बना रखे हैं, जिन पर ताला लगा रहता है। कुंभ 2010 में इस मार्ग को खोलने के लिए पीडब्ल्यूडी को सुप्रीम कोर्ट में जाना पड़ा था। पीडब्ल्यूडी की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने कुंभ के शाही स्नान और सोमवती अमावस्या स्नान पर्व भीड़ के दृष्टिगत जिलाधिकारी व पार्क निदेशक की सहमति से हिल बाईपास को खोलने का आदेश दे रखा है। इस आदेश के चलते भीड़ और जाम के समय हिल बाईपास नहीं खोला जाता है। प्रशासन लोनिवि को मरम्मत कार्य के लिए भी आने जाने नहीं देता है। इस बार पार्क प्रशासन क्षतिग्रस्त हिल बाईपास मार्ग के मरम्मत कार्य में बाधक नहीं बना है। जेसीबी से सड़क पर जमा पिछली बरसात की सिल्ट को उठाकर साफ करा दिया गया है।
हिल बाईपास मार्ग कई जगह क्षतिग्रस्त हो चुुुका था। जिसको छोटे वाहनों के आने जाने लायक बना दिया गया है। प्रमुख अभियंता ने निरीक्षण कर मार्ग को सुरक्षित बनाने के लिए कुछ और सुधार कार्य कराने का निर्देश दिया है।
- दीपक कुमार, अधिशासी अभियंता प्रांतीय खंड लोनिवि हरिद्वार।