जूना अखाड़े के महंत शिवम पुरी उर्फ त्रिकालदर्शी महाराज ने कहा कि हरिद्वार में बनने वाला 52 शक्ति पीठ मंदिर यहां की आध्यात्मिकता को और ज्यादा बढ़ाएगा। यह देश का अति धार्मिक महत्व वाला भव्य मंदिर बनेगा। उन्होंने प्रशासन से जल्दी मंदिर का निर्माण कराने की मांग की है।
महंत शिवम पुरी त्रिकालदर्शी ने सबसे पहले प्रशासन के सामने 52 शक्तिपीठ मंदिर बनाने का प्रस्ताव रखा था। हरिद्वार में आध्यात्मिक और पर्यटन की दृष्टि से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए कुछ और ऐसे स्थल विकसित करने पर प्रशासन लंबे समय से विचार कर रहा है, जिससे हरिद्वार आने वाले श्रद्धालु यहां 2 से 3 दिन तक ठहर सकें। इस दिशा में महंत त्रिकालदर्शी का प्रस्ताव अधिकारियों को खूब भाया था।
इस पर प्रशासन ने पहल भी शुरू कर दी है। कनखल में नक्षत्र वाटिका के पास की जमीन को 52 शक्ति पीठ मंदिर के निर्माण के लिए चिह्नित किया गया है। यह जमीन वन विभाग की है, जिसे मंदिर निर्माण तथा सिंचाई विभाग के पास स्थानांतरित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। 2021 में होने वाले कुंभ से पहले मंदिर तैयार करने की प्रशासन की योजना है।
इसी के अंतर्गत जिला पर्यटन अधिकारी सीमा नौटियाल और सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने महंत त्रिकालदर्शी के साथ बैठक कर प्रोजेक्ट के बारे में विस्तार से चर्चा की। महंत शिवमपुरी त्रिकालदर्शी ने बताया कि 52 शक्ति पीठ दुनिया भर में स्थित देवी मंदिरों का ऐसा सामूहिक आध्यात्मिक स्थल होगा, जहां एक ही स्थल पर सभी देवियों तथा शक्तिपीठों के दर्शन किए जा सकेंगे। उन्होंने प्रशासनिक अधिकारियों को हर संभव सहयोग का भरोसा दिलाया। जिला पर्यटन अधिकारी सीमा नौटियाल ने बताया कि महंत त्रिकालदर्शी के साथ बैठक कर प्रोजेक्ट के बारे में विस्तृत चर्चा की गई है। पूरी रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को सौंपी जाएगी।