ब्यूरो/अमर उजाला, हरिद्वार
शहर में सफाई को लेकर मचे बवाल के बीच पहली बार शहरी विकास मंत्री मदन कौशिक ने सोमवार को हस्तक्षेप किया। उन्होंने डामकोठी में नगर निगम के सभी अधिकारियों के साथ बैठक कर सफाई व्यवस्था के पटरी पर उतरने पर नाराजगी जताई। 21 जून तक पूरा शहर साफ करने का अल्टीमेटम देते हुए शहरी विकास मंत्री ने कहा कि इसके बाद वे खुद शहर में सफाई व्यवस्था को लेकर निरीक्षण करेंगे। निरीक्षण में यदि कहीं कोई कोताही मिली तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
पांच दिन तक चली केआरएल कंपनी के कर्मचारियों की हड़ताल के चलते पूरे शहर की सफाई व्यवस्था पटरी से उतरी रही। इस दौरान भाजपा और कांग्रेस एक दूसरे पर आरोप प्रत्यारोप लगाती रही। सोमवार को शहरी विकास मंत्री मदन कौशिक ने नगर निगम के अफसरों के साथ सफाई व्यवस्था को लेकर बैठक की। उन्होंने एमएनए से पूछा कि जब केआरएल कंपनी जनता की आवश्यकताओं के अनुरूप काम नहीं कर रही है तो फिर उसे हर महीने भुगतान क्यों किया जा रहा है। यदि भुगतान किया जा रहा है तो सफाई क्यों नहीं की जा रही है। इस पर अधिकारी कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे सके। शहर के हित को सर्वोपरि बताते हुए कौशिक ने अधिकारियों और नगर निगम के जनप्रतिनिधियों के बीच बेहतर तालमेल की बात कही। उन्होंने कहा कि सफाई हो रही है या नहीं इसकी संतुष्टि लोगों का पक्ष जानकर ली जाए। शहरी विकास मंत्री ने इस बात पर नाराजगी जताई कि राज्य सरकार की ओर से समुचित सहयोग किए जाने के बावजूद यात्रा सीजन में सफाई व्यवस्था का संकट खड़ा होना दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने जनप्रतिनिधियों से भी सरकारी सिस्टम के साथ तालमेल बनाकर सफाई व्यवस्था को पटरी पर लाने को कहा। बैठक में एमएनए आलोक पांडे, अपर नगर आयुक्त नुपुर वर्मा, सहायक नगर आयुक्त संजय कुमार, महेंद्र यादव आदि मौजूद थे।
सेनेटरी इंस्पेक्टर होंगे जिम्मेदार
बैठक के दौरान सफाई की व्यवस्था की लगातार मॉनीटरिंग करने के निर्देश दिए गए। शहरी विकास मंत्री ने कहा कि कहीं भी कूड़ा नहीं उठने की शिकायत मिलने पर क्षेत्र के सेनेटरी इंस्पेक्टर ही जिम्मेदार होंगे। उन्होंने केआरएल और घाटों पर सफाई का काम कर रही आकांक्षा कंपनी को भुगतान करने से पहले सेनेटरी इंस्पेक्टरों की रिपोर्ट लेने के भी निर्देश दिए ताकि उनकी भी जिम्मेदारी तय हो।