ब्यूरो/अमर उजाला, हरिद्वार
सफाई को लेकर भाजपा और कांग्रेस के बीच शुरू हुई रार खत्म होने का नाम नहीं ले रही है। कांग्रेस और निर्दलीय पार्षदों ने बैठक करके मेयर अनीता शर्मा का साथ देने पर सहमति जताई। पार्षदों ने कहा कि नगर निगम को केआरएल के साथ हुए अनुबंध को खत्म करना चाहिए और आरईएस को दिए बजट को वापस लिया जाए। मेयर अनीता शर्मा ने इसपर सहमति जताई। पार्षदों ने इस बात पर भी नाराजगी जताई कि शहरी विकास मंत्री मदन कौशिक की अधिकारियों के साथ हुई बैठक में मेयर को नहीं बुलाया गया।
सोमवार को नगर निगम स्थित मेयर कार्यालय में मेयर अनीता शर्मा की अध्यक्षता में कांग्रेस और निर्दलीय पार्षदों की बैठक हुई। बैठक में पार्षदों ने कहा कि मेयर को बदनाम करने की साजिश रची जा रही है। पार्षद महावीर और कैलाश भट्ट ने मांग उठाई कि जिस तरह से केआरएल की कार्यशैली को लेकर आरोप प्रत्यारोप लगाए जा रहे हैं, उससे साफ हो गया है कि अब केआरएल को नगर निगम से हटाना जरूरी हो गया है। मेयर अनीता शर्मा ने इसपर सहमति जताते हुए कहा कि कंपनी के साथ हुए अनुबंध को खत्म किया जाएगा। पार्षद अनुज सिंह ने नगर निगम के अवस्थापना के करीब 6 करोड़ रुपये आरईएस को जारी करने का विरोध करते हुए कहा कि इस बजट को वापस लें और समस्त कार्य नगर निगम से कराए जाएं। पार्षद अनिल वशिष्ट ने कहा कि नगर निगम क्षेत्र में सांसद, विधायक, जिला योजना से कराए जाने वाले काम से पूर्व नगर निगम से एनओसी लिए जाने के प्रस्ताव को तत्काल लागू किया जाए। वरिष्ठ कांग्रेसी नेता अरविंद शर्मा और अशोक शर्मा ने कहा कि भाजपा की साजिशों का एकजुट होकर विरोध किया जाएगा। बैठक में अमन गर्ग, पार्षद उदयवीर चौहान, इशरार सलमानी, रामकिशन कोरी, अर्जुन सिंह चौहान, नेपाल सिंह, सुहेल कुरैशी, राजीव भार्गव, सचिन अग्रवाल, शहाबुद्दीन अंसारी, विकास कुमार के अलावा कांग्रेस के युवा शहर अध्यक्ष नीतिन तेश्वर, रवि कश्यप, जितेंद्र सिंह, विक्की कोरी आदि मौजूद रहे।