ब्यूरो/अमर उजाला, हरिद्वार। नगर निगम के पथ प्रकाश विभाग के लाइनमैनों और हेल्पर स्टाफ को हाईकोर्ट का आदेश भी समान कार्य का समान वेतन नहीं दिला पाया है। प्रभावित कर्मचारी अधिकारियों और बाबुओं के चक्कर काटने में लगे हैं। लाइनमैन प्रमोद, हरीश ध्यानी ने बताया कि हाईकोर्ट ने 2017 में समान काम का समान वेतन देने का आदेश दिया था। नगर आयुक्त ने हाईकोर्ट के आदेश के संबंध में नोट बनाकर प्रस्तुत करने का निर्देश लिपिक को दिया था। पथ-प्रकाश के कर्मचारियों ने शनिवार को लेखा विभाग में जाकर भी रोष व्यक्त किया। उनका कहना है कि हाईकोर्ट के समान वेतन के आदेश पर नगर निगम देहरादून के कर्मचारियों को चार महीने से समान वेतन दिया जा रहा है, लेकिन नगर निगम हरिद्वार आदेश को घुमाने में लगा है। प्रमोद, हरीश, सुभाष, मनोज, भूषण, सतेंद्र, राजेश सुनील व निखिल आदि ने बताया कि लेखा विभाग जानबूझकर फाइल को घुमाने में लगा है। उन्होंने बताया कि लाइनमैन को लगभग 13 हजार रुपये और हेल्पर को लगभग 8 हजार रुपये मिलते हैं । हाईकोर्ट का समान काम का समान वेतन का आदेश से उन्हें 20 से 21 हजार रुपये मिलने लगेंगे। सहायक नगर आयुक्त संजय कुमार ने बताया कि हाईकोर्ट के आदेश के अनुपालन की कार्रवाई चल रही है।