हरिद्वार। शहरी विकास मंत्री मदन कौशिक ने कहा कि कांवड़ यात्रा के दौरान उत्तराखंड में डीजे बजाने पर प्रतिबंध नहीं नियंत्रण रहेगा। शिवभक्त एक सीमा के तहत डीजे बजा सकेंगे लेकिन नियमों का उल्लंघन नहीं करने दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि कांवड़ यात्रा के लिए सभी तैयारियां चल रही हैं। कांवड़ पटरी यूपी के अधीन होने के कारण कुछ बाधाएं हैं, जिन्हें भी दूर कराने का प्रयास जारी है। उन्होंने कहा कि यात्रा के दौरान सुविधाओं का पूरा ध्यान रखा जाएगा।
कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक मंगलवार को प्रेस क्लब सभागार में आयोजित संवाद कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि जब से भाजपा सरकार सत्ता में आई है विकास की योजनाएं तेजी से परवान चढ़ रही हैं। हरिद्वार में रिंग रोड, भूमिगत गैस पाइप लाइन, बिजली की लाइन को उन्होंने शहर के लिए बड़ी उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा कि दो दशक पहले तक हरिद्वार में बिजली और पानी की भारी किल्लत हुआ करती थी। दो-दो दिन तक बिजली पानी नहीं आने के कारण सड़कों पर जाम लगाना पड़ता था, लेकिन विधायक बनने के बाद उन्होंने प्राथमिकता के आधार पर इस बारे में काम किया। इस समय शहर में बिजली और पानी की स्थिति सरप्लस है। उन्होंने बताया कि शहर में करीब 90 प्रतिशत से ज्यादा हिस्सा हिस्सा सीवरेज से आच्छादित कर दिया गया है।
उन्होंने राज्य में यातायात, रेल यातायात और हवाई यातायात के क्षेत्र में तेजी से काम किए जाने की जानकारी दी। उन्होंने दावा किया कि देहरादून को स्मार्ट सिटी बनाने के तमाम मानक पूरे कर दिए गए हैं। इस बारे में सरकार ने पंतनगर, विश्वविद्यालय, रुड़की आईआईटी समेत कई विश्वविद्यालयों के विशेषज्ञों की सेवाएं ली थी। उनके द्वारा तैयार किए गए ड्रॉफ्ट के आधार पर तैयारी की गई जिससे देहरादून के स्मार्ट सिटी बनने का रास्ता साफ हो गया है।
संवाद कार्यक्रम में प्रेस क्लब अध्यक्ष डा. शिवशंकर जायसवाल, महामंत्री ललितेंद्रनाथ, कोषाध्यक्ष रामेश्वर शर्मा, दीपक नौटियाल, सुनील डोभाल, अनूप सिंह, डा. रजनीकांत शुक्ल, बालकृष्ण शास्त्री, महावीहर नेगी, धर्मेंद्र चौधरी, राहुल वर्मा, बृजेंद्र हर्ष, अविक्षित रमन आदि मौजूद रहे।
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यूपी सरकार के बाद लिया निर्णय
उत्तराखंड सरकार ने डीजे पर प्रतिबंध हटाने के निर्णय को यूपी सरकार की ओर से छूट देने के बाद लिया है। मालूम हो कि पिछले दिनों मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कांवड़ यात्रा के दौरान डीजे बजाने की परंपरा को सही ठहराया था। हरिद्वार ग्रामीण क्षेत्र के विधायक स्वामी यतीश्वरानंद ने भी डीजे प्रतिबंधित करने के मामले में मुखर हुए थे।