अमर उजाला ब्यूरो
हरिद्वार।
सरकार की ओर से 29 व 30 जनवरी को हरिद्वार में आयोजित रोजगार मेले में सरकारी, अर्द्धसरकारी तथा प्राइवेट औद्योगिक इकाइयों में रोजागर पाने वाले बेरोजगारों का कोई रिकार्ड जिला सेवायोजन कार्यालय में नहीं है। जिन युवाओं का कंपनियों ने अपने यहां नौकरी देने के लिए चयन किया था, उन्हें अब तक नियुक्ति पत्र नहीं मिले हैं।
रोजगार मेले में चयनित होने के बाद बेरोजगार युवाओं ने नियुक्तिपत्र के इंतजार में कहीं दूसरी जगह भी रोजगार पाने के लिए कोशिश नहीं की है। समाजसेवी जेपी बडोनी की ओर से रोजगार मेले में रोजगार पाने वालों को आरटीआई ब्योरा मांगने पर जिला सेवायोजन कार्यालय के लोक सूचना अधिकारी ने रोजगार मेले में प्रतिभाग करने वाली 41 औद्योगिक इकाइयों की सूची तो उपलब्ध कराई है, लेकिन उन्होंने रोजगार पाने वालों की संख्या नहीं बताई है। कहा कि आद्योगिक इकाइयों की ओर से रोजगार मेले में चयनियत अभ्यर्थियों तथा उन्हें रोजगार मिलने की सूचना उनके कार्यालय में अंकित नहीं है। इस जानकारी के बाद समाजसेवी जेपी बडोनी ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजकर कहा कि प्रदेश से दस हजार युवाओं ने सरकार के रोजगार मेले में भाग लिया था। कई युवा तो किराया के लिए कर्जा लेकर आए थे। उन्होंने मुख्यमंत्री को बताया कि रोजगार मेले में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी के पिता भी अपनी नाती व नातिन को रोजगार दिलाने के लिए लाए थे। उन्होंने मुख्यमंत्री से मांग की कि बेरोजगारों के साथ इस प्रकार का घिनौना मजाक करने वालों के खिलाफ कार्रवाई को संबंधित मंत्री तथा अधिकारियों को निर्देशित किया जाए।