हरिद्वार। शारदापीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी राजराजेश्वराश्रम महाराज ने जगद्गुरु रामानंदाचार्य स्वामी हंसदेवाचार्य महाराज के निधन को अपने लिए विशेष शोक की संज्ञा दी है। उन्होंने कहा कि हंसदेवाचार्य का जाना समूचे हिंदू जगत के लिए बेहद दुख का विषय है। कम उम्र में ही उन्होंने गहन सिद्धियां प्राप्त की थी। वे एक क्रांतिकारी संत थे।
स्वामी हंसदेवाचार्य के व्यक्तित्व को याद करते हुए स्वामी राजराजेश्वराश्रम महाराज ने कहा कि हर क्षेत्र में उनकी दृष्टि स्पष्ट थी। हिंदू धर्म के उत्थान के लिए उन्होंने बहुत काम किया। धर्माचार्य होने के साथ-साथ वे सामाजिक कार्यकर्ता भी थे। धर्म और संस्कृति के विषयों पर उनकी टिप्पणियां देशभर में सराहना प्राप्त करती थी। उनकी टिप्पणियों से देश को लगातार प्रेरणा मिलती रही। उन्होंने कहा कि हंसदेवाचार्य ने समाज के प्रत्येक वर्ग का यथासंभव मार्गदर्शन किया। वे उच्च कोटि के विद्वान थे। हरिद्वार का संत जगत हंसदेवाचार्य को कभी नहीं भुला सकता। सभी अखाड़ों के साथ उनके प्रेममय संबंध थे। हरिद्वार नगरी का प्रत्येक वर्ग हंसदेवाचार्य के सानिध्य में सहज अनुभव करता था। जगद्गुरु ने कहा कि हंसदेवाचार्य का योगदान धार्मिक जगत कभी नहीं भुला सकता।