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61 पदक हासिल कर मध्यप्रदेश ने जीती राष्ट्रीय कराटे चैंपियनशिप

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अमर उजाला ब्यूरो
हरिद्वार।
पतंजलि योगपीठ में आयोजित तीन दिवसीय ‘राष्ट्रीय कराटे चैंपियनशिप-2018’ का सोमवार को समापन हो गया। 29वीं राष्ट्रीय कराटे-डू चैंपियनशिप-2018 के चैंपियनशिप का खिताब मध्य प्रदेश की टीम ने जीता। मध्य प्रदेश की टीम ने कुल 61 पदक जीते। जबकि 39 पदकों के साथ राजस्थान दूसरे तथा 18 पदकों के साथ महाराष्ट्र तीसरे स्थान पर रहा। मेजबान उत्तराखंड को महज 11 पदकों के साथ 12वेें स्थान पर ही संतोष करना पड़ा।
उत्तराखंड के मनीष बिष्ट ने जूनियर वर्ग में स्वर्ण पदक हासिल कर सूबे का नाम रोशन किया। उत्तराखंड में बिष्ट अकेले स्वर्ण पदक विजेता हैं। उत्तराखंड ने 11 पदकों में से एक स्वर्ण, दो रजत तथा 8 कांस्य पदक जीते। जम्मू कश्मीर की टीम एक मात्र कांस्य पदक हासिल कर आखिरी 22वें स्थान पर रही।
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पहले स्थान पर रहे मध्यप्रदेश के खिलाड़ियों ने 61 पदकों में से 18 स्वर्ण, 15 रजत तथा 27 कांस्य पदक अपनी झोली में डाले। दूसरे स्थान पर रहे राजस्थान ने 39 पदकों में से 10 स्वर्ण, 9 रजत और 20 कांस्य पदक जीते। तीसरे स्थान पर रही महाराष्ट्र की टीम ने 18 पदकों में से 7 स्वर्ण, 4 रजत और 7 कांस्य पदक प्राप्त किए। चौथे स्थान पर रहे हरियाणा ने 15 पदक, पांचवे स्थान पर रहे तमिलनाडु ने 17 पदक, छठे स्थान पर पश्चिम बंगाल ने 22 पदक, सातवें स्थान पर रहे केरल ने 23 पदक जीतेे। 12वें स्थान पर रहे उत्तराखंड ने 11 पदकों में से एक स्वर्ण, दो रजत और आठ कांस्य पदक हासिल किए। कराटे महासंघ की आयोजन समिति के महासचिव सतीश जोशी ने बताया कि 29वीं राष्ट्रीय कराटे चैंपियनशिप में सब जूनियर, जूनियर व सीनियर वर्ग में कुल 168 प्रतिस्पर्धाएं हुई। जोशी ने बताया कि छह से 21 साल तक उम्र के खिलाड़ियों ने भाग लिया। जिनमें 400 बालिका खिलाड़ी शामिल थी। 850 कराटे खिलाड़ियों में से 261 खिलाड़ियों ने पदक हासिल किए। जिनमें 101 बालिकाएं तथा 170 बालक पदक जीतने वालों में शामिल हैं।
विजेता खिलाड़ियों को पुरस्कार प्रदान करते हुए पतंजलि योगपीठ के महामंत्री आचार्य बालकृष्ण ने कहा कि विजयी खिलाड़ी और आगे बढ़े और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पदक हासिल कर देश का नाम पूरी दुनिया में रोशन करें। अन्य खिलाड़ी भविष्य में और कड़ी मेहनत कर अगली बार पदक जीत कर सफलता प्राप्त करें।
कराटे चैंपियनशिप की आयोजन समिति के महासचिव और भारतीय कराटे महासंघ के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सतीश जोशी ने कहा कि पतंजलि योगपीठ में आने से हमारे खिलाडियों को और आगे बढ़ने की प्रेरणा मिली है। उन्होंने कहा कि इस चैंपियनशिप में जिन खिलाडिय़ों ने पदक जीते हैं, उनमें से कराटे की अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिता और ओलंपिक खेलों के लिए चयन किया जाएगा। जिसके लिए कैंप लगाया जाएगा। भारतीय कराटे महासंघ के महामंत्री नरेंद्र मोर ने कार्यक्रम का संचालन किया। इस मौके पर ऑल इंडिया कराटे-डू फेडरेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष रामेश्वर निर्वाण ने अपने विचार रखे।
इस अवसर पर संघ के उपाध्यक्ष पीआर रत्न माला, सतीश जोशी, संदीप साल्वी, सुरेंद्र सिंह, टूर्नामेंट निदेशक जोजी अब्राहम, उत्तराखंड कराटे संघ के अध्यक्ष एमके रॉय ने मुख्य अतिथि आचार्य बालकृष्ण को शॉल, स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया।
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उत्तराखंड में बालिकाओं ने जगाई उम्मीद
उत्तराखंड के जिन 11 खिलाड़ियों ने पदक जीते, उनमें मनीष बिष्ट (स्वर्ण) मोहम्मद शाद, अभिलाषा बिष्ट और नीलेश जोशी (रजत) नेहा , शिवानी आर्या, मनप्रीत कौर, रेनू बिष्ट, सपना जावडी, शिवानी गुप्ता एवं भूमिका गौर (कांस्य) शामिल हैं। उत्तराखंड की बालिकाओं ने आठ पदक जीतकर अपना दबदबा कायम रखा। जबकि पुरुष वर्ग में सूबे के महज तीन खिलाड़ी ही पदक जीतने में कामयाब रहे।
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