हरिद्वार। श्रावण मास अब समापन ही ओर है। 26 अगस्त को श्रावणी पर्व पवित्र मास का समापन हो जाएगा। बृहस्तपतिवार से एकादशी से पार्थिव शिवलिंगों के पूजन का प्रारंभ हो रहा है। पूर्णिमा तक ये पूजन होंगे। ज्वालापुर के रामलीला मैदान में पार्थिव लिंग पूजन हो चुका है। इसी के साथ श्रावण के समापन महाभोज प्रारंभ हो गए हैं।
शिव चरणानुरागी समिति के संयोजन में कथा व्यास रामजी पांडे पौराणिक 11 हजार पार्थिव शिवलिंगों का पूजन बृहस्पतिवार को सेवा समिति भवन में कराया जाएगा। भक्तगण मिट्टी के छोटे-छोटे शिवलिंग बनाकर पूजा की तैयारियों में आज दिनभर जुुटे रहे। यह पूजा शाम तीन बजे देर शाम तक होगी। पूजनस्थल पर महामंडलेश्वर हरिचेतनानंद, महामंडलेश्वर श्यामसुंदर दास, आचार्य स्वामी रविदेव शास्त्री, आचार्य हरिहरानंद आदि प्रवचन करेंगे। सायंकाल टाट वाले बाबा के समाधि स्थल पर शिवजी की शोभायात्रा निकाली जाएगी। इसके बाद सभी 11 हजार शिवलिंग गंगा में विसर्जित कर दिए जाएंगे। शास्त्रों में पार्थिव पूजा का पुण्यदायी विधान बताया गया है। श्रावण का समापन नजदीक आने पर पूरे महीने गंगा स्नान कर शिव पूजा करने वाले भक्तों ने श्रावण भोजों का आयोजन शुरु कर दिया है। गोगावीर के कंदूरी भोजों का आयोजन पंचपुरी में प्रारंभ हो रहा है। श्रावण मास के अंतिम दिन श्रावणी पूजा हेमाद्री संकल्प स्नान से की जाएगी। इसी दिन पुरोहित रक्षासूत्रों एवं यज्ञोपवीतों का वैदिक मंत्रों द्वारा दिनभर संधान भी करेंगे।