धर्मनगरी में दीपावली पर आस्था के साथ साथ उल्लास के रंग रातभर आतिशबाजी के रूप में आसमान पर छाए रहे। फुलझड़ी, बम, पटाखे और आतिशबाजी का दौर शाम से लेकर भोर तक चला। बाजार से छनकर आ रहे अनुमान के मुताबिक दीपावली पर करीब 10 करोड़ रुपये के पटाखे जलाए गए।
शहर का बाजार एक पखवाड़े से दीपावली के रंग में रंगा हुआ था। साज सजावट के सामान की खरीदारी हफ्ते भर से शुरू हो गई थी। पटाखों की बिक्री छोटी दीपावली पर जमकर हुई। दीपावली के दिन विधि विधान से पूजा अर्चना के बाद लोगों ने पटाखे जलाकर उल्लास के साथ त्यौहार मनाया। दिन ढलते ही पटाखे, फुलझड़ियों और आतिशबाजी का सिलसिला शुरू हो गया था। कारोबारी नेताओं के मुताबिक कनखल, हरिद्वार, ज्वालापुर, उत्तरी हरिद्वार सहित पंचपुरी और सिडकुल आसपास के क्षेत्र में करीब 10 करोड़ रुपये के पटाखे जलाए गए हैं। पटाखा व्यापारी प्रवीण कुमार और राजीव सिंह ने बताया कि इस बार पटाखे काफ बिके लेकिन इसके बाद भी पहले सालों की अपेक्षा कम बिक्री कम हुई।
चाइनीज पटाखे रहे गायब
दीपावली पर चाइनीज सामान के बहिष्कार का भले ही मिला जुला असर रहा हो, पर पटाखों पर प्रतिबंध लगने के चलते बाजार से चाइनीज पटाखे नदारद रहे। कानूनी झंझट से बचने के लिए कारोबारी इस बार चाइनीज पटाखे नहीं लेकर आए। हालांकि चाइनीज लड़ियों से लेकर साज सजावट का काफी सामान दीपावली पर खरीदा गया। बहिष्कार का असर यह रहा कि पिछले साल की तुलना में इस बार कई बड़े व्यापारियों का चाइनीज माल का स्टॉक पूरी तरह खत्म नहीं हो पाया।