उत्तराखंड में विदेशी शराब जल्द ही सस्ती होगी। सरकार इसके लिए वाणिज्य कर (वैट) कम करने जा रही है। प्रदेश में बीयर बार पॉलिसी को मंजूरी दी जा चुकी है। अब फ्रूट वाइनरी (फलों से शराब) की नीति भी तैयार की जा रही है। तर्क है कि इससे पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।
वित्त एवं आबकारी विभाग की समीक्षा बैठक में वित्तमंत्री इंदिरा हृदयेश ने अधिकारियों को स्पा में टैक्स माफ करने और आबकारी में वाणिज्य कर की कमी करने का प्रस्ताव तैयार करने का निर्देश दिया। वित्तमंत्री का कहना है कि पर्यटन क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए पर्यटन से जुड़े क्षेत्रों में वाणिज्य कर कम होना चाहिए। इस समय प्रदेश में शराब पर 32.5 फीसदी वाणिज्य कर है। यह पड़ोसी राज्यों की तुलना में अधिक है।
वित्त मंत्री ने अधिकारियों को हिमाचल की आबकारी नीति का अध्ययन करने का भी निर्देश दिया। इसी तरह हिमाचल में लागू फ्रूट वाइनरी नीति को प्रदेश में लागू करने के लिए प्रस्ताव तैयार करने को भी कहा गया। साथ ही आबकारी नीति को तैयार करते समय केवल राजस्व को बढ़ाने पर ही ध्यान न देकर यह भी ध्यान रखने को कहा गया है कि इससे पर्यटन को भी लाभ मिले।