उत्तराखंड के आपदा प्रभावित क्षेत्रों में ग्रामीणों के सामने आ रही मुश्किलों को कम करने के लिए आपदा प्रबंधन मंत्री यशपाल आर्य ने वैकल्पिक रास्तों का चयन करने की सलाह दी है।
आपदा प्रबंधन मंत्री यशपाल आर्य ने अगस्त्यमुनि और गुप्तकाशी में आपदा प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर प्रभावितों से मुलाकात की। उन्होंने प्रभावितों को आश्वासन दिलाया कि सरकारी स्तर से उनकी हर संभव मदद की जाएगी।
प्राथमिकता के आधार पर वैकल्पिक रास्तों को आवाजाही के लिए खोला जा रहा है, जिससे आपदाग्रस्त क्षेत्रों में रसद आपूर्ति हो सके। शुक्रवार सुबह गुप्तकाशी पहुंचे आपदा मंत्री आर्य, कांग्रेस नेता सूर्यकांत धस्माना, धीरेंद्र प्रताप और विजय सारस्वत ने फाटा, खडिया, रामपुर का जायजा लिया।
उन्होंने मुख्य सचिव को केदारनाथ से रुद्रप्रयाग तक आपदा प्रभावित क्षेत्रों में संपर्क मार्गों की बहाली एवं राहत वितरण कार्य में तेजी लाने को कहा। साथ ही क्षेत्र में विद्युत व्यवस्था शीघ्र बहाल करने के निर्देश दिए। इसके बाद आर्य अगस्त्यमुनि पहुंचे।
यहां भी उन्होंने पुराना देवल, बगर, विजयनगर, सौरगढ़, सिल्ली जाकर आपदा से हुए नुकसान का जायजा लिया। भ्रमण के बाद जीआईसी में बने रिलीफ सेंटर में उन्होंने प्रभावितों से मुलाकात की। प्रभावितों ने मंत्री से विस्थापन की मांग की, जिस पर मंत्री ने कहा कि तराई की जमीनों पर पहले से ही शहरीकरण, होटल विकसित हो गए हैं।
ऐसे में जमीन कहा कि विस्थापन किया जाए। इस मौके पर नगर पंचायत अध्यक्ष अशोक खत्री, जिला पंचायत सदस्य अवतार सिंह राणा, विक्रम नेगी, वीरपाल रावत, अजेंद्र अजय, महेंद्र नेगी आदि उपस्थित थे।