केदारनाथ से सुरक्षित बची दून की तीन बेटियां शुक्रवार को दून पहुंची। शाम को चॉपर से जीएमएस रोड निवासी अनीता, रायपुर निवासी मीनाक्षी, आकांक्षा और इनका पंजाब निवासी रिश्तेदार यशोधर पहुंचा।
उत्तराखंड आपदा की विशेष कवरेज
चॉपर से ये गुप्तकाशी से दून के लिए सवार हुए थे। ये दो दिन पहले सेना के रेस्क्यू में केदारनाथ से गुप्तकाशी पहुंचे थे। इनका कहना है कि आपदा के बाद आई तबाही में जो मंजर था इसके बाद वहां देखने के लिए कुछ नहीं बचा था। हर तरफ मौत और मलबा दिखाई दे रहा था।
उत्तरकाशी से चॉपर से दून पहुंचे
गौरीकुंड में फंसे अंबाला निवासी विजय कुमार, रश्मि, अशोक अग्रवाल, सुनीता अग्रवाल, नीलम अग्रवाल, कुलदीप अग्रवाल, सुनील और विमल भी सुरक्षित दून पहुंचे। इन सभी के चेहरे पर आपदा के डर का मंजर साफ नजर आ रहा था। भैरवघाटी में आपदा के बाद दो दिन तक फंसे पानीपत निवासी अनीता कथूरिया इनके बच्चे लक्ष्य और शिवांगी भी उत्तरकाशी से चॉपर से दून पहुंचे। इस परिवार का कहना है घटना के मंजर के चौबीस घंटे बाद राहत और बचाव कार्य शुरू हुआ था। इस बीच कई घायलों ने तड़पकर दम तोड़ दिया था।
हैदराबाद के चार लोग और पहुंचे
हैदराबाद के अग्रवाल परिवार से आदर्श, मनीष, सुनीता और जाग्रत शुक्रवार को फाटा से दून स्थित सहस्रधारा हेलीपैड पहुंचे। यहां हेलीकाप्टर से उतरने के बाद ये सीधे अपने ठिकानों को निकल गए। इस परिवार के चार सदस्य बृहस्पतिवार को दून पहुंच थे।
महाराष्ट्र के चार यात्री आए
गंगोली महाराष्ट्र निवासी अशोक अग्रवाल, नेहा अग्रवाल, अक्षय अग्रवाल और राज अग्रवाल भी शुक्रवार को हर्षिल से हेलीकाप्टर से दून पहुंचे। ये गंगोत्री मार्ग पर फंसे थे। इनके चॉपर में ही भावनगर निवासी डोली अवस्थी, टिया और बवाना दिल्ली निवासी सरोज भी पहुंचे। सरोज ने बताया कि उनके परिवार के पांच लोग अभी हर्षिल में अटके हैं। इनमें कई की तबीयत खराब है।
भावनगर के मकाती पहुंचे
भावनगर गुजरात निवासी गिरीश राय मकाती, सूरत निवासी मालती गांधी, रीता और केतन गांधी हर्षिल से दून पहुुंचे। ये यात्री यमुनोत्री में फंसे थे। गंगोत्री रास्ते से पैदल ये हर्षिल तक पहुंचे थे।
एमपी के करीब 3000 लोग फंसे
मध्यप्रदेश के डायरेक्टर हेल्थ संजय गोयल और कमांडेंट सातवीं बटालियन, मध्यप्रदेश स्पेशल आर्म्ड फोर्स प्रमोद वर्मा शुक्रवार को मध्यप्रदेश सरकार के हेलीकाप्टर से दून पहुंचे। यहां उन्होंने बताया कि चौबीस घंटे में उनके प्रदेश के फंसे लोगों के संबंधियों की करीब 200 कॉल आई हैं। प्रमोद ने बताया कि सुखीटोप पर उनके यहां के 500 लोगों के फंसे होने की खबर है।
मां, मत रो, मैं जिंदा हूं
मध्यप्रदेश के करीब 3000 लोग फंसे हैं। डाइरेक्टर संजय ने बताया कि उनकी टीम के दो डाक्टर यहां बुलाए हैं। जो गौरीकुंड जाएंगे और लोगों की इलाज में मदद करेंगे। उन्होंने बताया किए चॉपर और डाक्टर शनिवार सुबह पहुंचेंगे। ये मौसम खराब होने के कारण दिल्ली में रुक गए हैं।
राजनीति की लड़ाई
शुक्रवार को सहस्रधारा हेलीपैड पर कई संगठनों और दलों ने राहत के लिए रसद सामग्री दी। कई हेलीपैड पर आए पीड़ितों के परिजनों के लिए खाने-पीने की व्यवस्था कर रहे थे। एनएसयूआई की राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य स्वाति नेगी ने अपने संगठन का बैनर टांग रखा था। आपदा के दौरान बैनर टांगकर राहत देने पर कुछ लोगों ने विरोध कर दिया। जिसे लेकर हंगामा हो गया। बाद में बैनर को फाड़ने के बाद हंगामा शांत हुआ। इस दौरान तिब्बत मूल की महिलाओं ने भी खाने की व्यवस्था की थी।