दिल्ली गैंगरेप की शिकार बहादुर बिटिया दरिंदों की शर्मनाक करतूतों के चलते बेशक जिंदगी के इम्तिहान में फेल हो गई हो लेकिन देहरादून से फिजियोथेरेपी के कोर्स में न सिर्फ उसकी फर्स्ट डिवीजन आई बल्कि बैच में सेकेंड पोजीशन भी आई है। आज अगर वह जिंदा होती तो बहुत खुश होती।
गढ़वाल विश्वविद्यालय ने बुधवार को फिजियोथेरेपी फाइनल ईयर का रिजल्ट घोषित कर दिया। चौथे और अंतिम वर्ष में बिटिया ने 72.72 प्रतिशत अंक हासिल किए हैं। कुल मिलाकर पूरे कोर्स में (पहले से लेकर चौथे साल को मिलाकर) उसे 68.28 प्रतिशत अंक मिले हैं।
देहरादून स्थित इंस्टीट्यूट से बीपीटी (बैचलर ऑफ फिजियोथेरेपी) कोर्स करने वाली बहादुर बिटिया के बारे में संस्थान के प्रशासनिक अधिकारी अरविंद सिंह ने बताया कि वह पढ़ाई में भी बहुत होशियार थी। चार वर्ष का कोर्स करने के बाद छह माह की ट्रेनिंग करने के लिए ही वह दिल्ली गई थी। यह ट्रेनिंग पूरी करने के बाद उसे विश्वविद्यालय की ओर से बीपीटी की डिग्री मिल जाती।
निजी संस्थान में यह कोर्स गढ़वाल विश्वविद्यालय से संचालित होता है। प्रशासनिक अधिकारी के मुताबिक अभी विश्वविद्यालय ने गजट भेजा है, उसकी मार्कशीट आने में दो दिन का वक्त लगेगा।