लैंसडौन में दबोचे गए तीन संदिग्ध वन्य जीव तस्करों से पुलिस के अलावा वन विभाग के अफसर भी पूछताछ कर रहे हैं। वन्य जीव तस्करी में क्षेत्रीय लोगों के पकड़े जाने के बाद महकमा अब इनके आकाओं की तलाश में जुट गया है। अगर ये पुलिस के हत्थे चढ़ जाते हैं तो गिरोह के नेटवर्क का भंडाफोड़ हो जाएगा।
वन विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम ने तीन लोगों को शनिवार को लैंसडौन में पकड़ा था। इनसे पूछताछ कर गिरोह के सरगना का नाम उगलवाने की कोशिश की जा रही है। सूत्रों का कहना है कि स्थानीय लोग चंद पैसों के लिए इन गिरोहों के मकड़जाल में फंस जाते हैं।
इनसे शिकार करवाने के बाद गिरोह के एजेंट वन्य जीवों की खालों, नाखूनों आदि अंगों को ऊंचे दामों पर अंतरराष्ट्रीय मार्केट में बेचते हैं। नेशनल वाइल्ड लाइफ क्राइम कंट्रोल ब्यूरो की गत दिवस अल्मोड़ा में हुई बैठक में कुछ सफेदपोश सरगनाओं का भी जिक्र हुआ था। वन्य जीव तस्करी के मामले में पकड़े गए लोगों से इन्हीं सरगनाओं का नाम पता करने की कोशिश की जा रही है।