पटेलनगर क्षेत्र में बीमा पॉलिसी कराकर लोन दिलाने के नाम पर दो दोस्तों से हुई एक लाख 85 हजार की ठगी को पुलिस पांच महीने तक छिपाए रही।
मामले में कार्रवाई की जानकारी लेने के लिए जब आरटीआई डाली गई तो सुनवाई से ठीक एक दिन पहले बुधवार को पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया। मामले में दो युवतियों समेत चार को आरोपी बनाया गया है।
तहरीर में पटेलनगर के चमन विहार निवासी अजय कुमार सक्सेना ने बताया कि एक व्यक्ति प्राइवेट बैंक का प्रतिनिधि बताकर वादी और उसके साथ दोस्त सुनील कश्यप से संपर्क साधा गया।
पॉलिसी के नाम पर की जालसाजी:
झांसा दिया कि पॉलिसी के आधार पर बैंक से उनका लोन भी स्वीकृत करा दिया जाएगा। दोनों दोस्तों ने इसी लालच में एक लाख 85 हजार रुपये की रकम सितंबर माह में तीन किश्तों में दे दी।
उन्होंने पॉलिसी को लेकर जानकारी जुटाई तो उनके पैरों तले की जमीन खिसक गई। आरोपियों द्वारा पॉलिसी कराने के बजाय जालसाजी कर यह रकम डकार ली गई थी।
सक्सेना की तरफ से अक्तूबर माह में एसएसपी को तहरीर दी गई थी। तब से मामला जांच में उलझा हुआ था। आरटीआई कार्यकर्ता भूपेन्द्र कुमार ने सूचना के अधिकार के तहत प्रार्थना पत्र पर हुई कार्रवाई की जानकारी ली।
जानकारी न मिलने पर भूपेन्द्र से सीओ सदर के यहां अपील की थी। बृहस्पतिवार को इस मामले में सुनवाई होनी थी, लेकिन पुलिस ने बुधवार रात को मुकदमा दर्ज कर लिया। सुनवाई के समय रिपोर्ट दर्ज होने की बात कहकर अपील को निस्तारित कर दिया गया।