राजस्व अभिलेखों में संपत्ति मालिक का नाम दर्ज करने के लिए बीस हजार रुपये रिश्वत मांगने के आरोपी लेखपाल पर आरोप साबित होने पर कोर्ट ने उसे दो साल कैद और 10 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है।
अभियोजन पक्ष के अनुसार भानियावाला दून निवासी रीतू यादव ने तीन सितंबर वर्ष 2012 को पुलिस अधीक्षक सतर्कता से मामले की शिकायत की थी। महिला ने कहा था कि उसके ससुर से उसके पति को बटवारे में आठ सौ वर्ग मीटर भूमि मिली।
भूमि को राजस्व अभिलेखों में उसके पति के नाम दर्ज कराने के लिए सर्वे नायब तहसीलदार ऋषिकेश कार्यालय में कार्यरत सर्वे लेखपाल सुदामा प्रसाद ने 20 हजार रुपये की रिश्वत मांगी।
मामले की शिकायत पर विजिलेंस ने आरोपी लेखपाल को रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया था। विजिलेंस अदालत में आरोप को साबित करने के लिए अभियोजन पक्ष की ओर से सात गवाह पेश किए गए।