टनकपुर के बूम घाट में शारदा में रिवर राफ्टिंग प्रशिक्षण के समापन पर प्रशिक्षक राजू गड़कोटी और सा?
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टनकपुर (चंपावत)। ऊधमसिंह नगर के युवक-युवतियों ने शारदा की लहरों में पांच का दिन का रिवर राफ्टिंग प्रशिक्षण लिया। बुधवार को प्रशिक्षण के समापन पर प्रतिभागियों को पुरस्कृत कर उनका उत्साह बढ़ाया गया। ऊधमसिंह नगर के जिला साहसिक खेल अधिकारी कीर्ति चंद्र आर्य ने कहा कि शारदा में रिवर राफ्टिंग के साथ ही इस क्षेत्र में पर्यटन के विकास की अपार संभावनाएं हैं। साहसिक पर्यटन युवाओं के रोजगार का सशक्त माध्यम बन सकता है। इसके लिए जरूरी कदम उठाए जाने चाहिए।
पर्यटन विभाग ने साहसिक पर्यटन की ओर युवाओं का रुझान बढ़ाने के लिए ऊधमसिंह नगर जिले के 23 युवक और युवतियों को यहां बूम राफ्टिंग कैंप में 18 से 23 अक्टूबर तक पांच दिन का रिवर-राफ्टिंग का प्रशिक्षण दिलाया है। टाइगर एडवेंचर के प्रशिक्षक राज गड़कोटी के दिशा-निर्देश में प्रतिभागियों ने शारदा की लहरों में उत्साह के साथ राफ्टिंग का प्रशिक्षण लिया। बुधवार को समापन पर ऊधमसिंह नगर के साहसिक खेल अधिकारी ने प्रतिभागियों को पुरस्कार वितरित कर उनका हौसला बढ़ाया। इस मौके पर प्रशिक्षक राज गड़कोटी और किरन चंद ने रिवर राफ्टिंग के साथ ही क्षेत्र में साहसिक पर्यटन की संभावनाएं गिनाते हुए युवाओं को साहसिक पर्यटन के जरिये रोजगार से जुड़ने के लिए प्रेरित किया।
साहसिक पर्यटन में बनाएंगे कॅरिअर
ऊधम सिंह नगर पर्यटन विभाग की ओर से रिवर राफ्टिंग का प्रशिक्षण लेने आए खटीमा का युवक मुकेश कश्यप गदगद नजर आया। मुकेश ने अपना अनुभव सांझा करते हुए कहा कि रिवर राफ्टिंग न सिर्फ आनंद प्रदान करने वाला साहसिक खेल है। राफ्टिंग की विभिन्न कलाओं को सीखने में उसे बहुत मचा आया। भविष्य में वह साहसिक पर्यटन में ही अपना कॅरिअर बनाएगा। ब्यूरो
अब डर छू मंतर हो गया
पंतनगर से रिवर राफ्टिंग का प्रशिक्षण लेने पहुंची कुमारी प्रिया को भी राफ्टिंग खूब भाया। उसका कहना था कि आज तक उसने टीवी पर ही लोगों को रिवर राफ्टिंग करते देखा था, लेकिन आज उसे खुद यह मौका मिला तो राफ्टिंग के आनंद का पता चला। नदी की धारा में उतरने से पहले डर लग रहा था, लेकिन हिम्मत कर नदी की लहरों से खेलना सिखा तो राफ्टिंग के आनंद में मन का डर छू मंतर हो गया।