डीईओ बेसिक सत्यनारायण ने दूरदराज के विद्यालयों का निरीक्षण किया। उन्होंने शैक्षिक स्तर में सुधार करने, अनुशासन एवं स्वयं शिक्षकों की शत-प्रतिशत उपस्थिति, विद्यालय के हर क्रियाकलाप को अप-टू-डेट रखने के निर्देश दिए। उन्होंने प्रत्येक विद्यालय में छात्र संख्या बढ़ाने को भी कहा।
अब विद्यालयों में बगैर तिथि के छुट्टी की अर्जी देने का सिलसिला नहीं चलेगा। शिक्षकों को पूर्व अवकाश स्वीकृत कराना पडे़गा। वह अपने मन से न तो विद्यालय बंद कर सकेंगे और विवेकाधीन अवकाशों को लंबे अवकाशों में जोड़ पाएंगे। डीईओ बेसिक ने थुवामौनी में 27 में से 22, नवीनडुंगरा में 55 में से 45, बालीगांव में 6 में से 5, बरूनारी में 62 में से 52, देवीधार में 26 में से 19 और जूनियर हाईस्कूल बांसबस्वाड़ी में 55 में से 37 बच्चों को उपस्थित पाया।
यहां शिक्षा स्तर ठीक पाया गया। नवीनडुंगरा में बच्चों के आरएनबी में चयन पर शिक्षक की पीठ थपथपाई। नवीन डुंगरा, थुवामौनी, देवीधार, बरूनारी विद्यालयों की मरम्मत का प्रस्ताव देने को कहा। डीईओ ने बाद में प्राथमिक विद्यालय नौमाना, तड़ीगांव, डुंगराओड़, कलौनी का भी निरीक्षण किया। डुंगराओड़ विद्यालय का शैक्षिक स्तर निम्न पाया गया, जिसके लिए शिक्षक को हिदायत दी गई।