नई दिल्ली से आए एसएसबी के अपर महानिदेशक (एडीजी) सुरजीत सिंह देसवाल ने बुधवार को जवानों के लिए निर्मित दो नए भवनों का फीता काटकर उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि सीमाओं की रक्षा में तैनात पैरामिलिट्री फोर्स को सरकार हर सुविधा दे रही है। नेपाल सीमा पर तैनात एसएसबी जवान विषम परिस्थितियों में ड्यूटी निभा रहे हैं। भारत-नेपाल मैत्री को प्रगाढ़ करते हुए एसएसबी जवान नेपाल सीमा पर अपनी जिम्मेदारी बखूबी निभा रहे हैं।
बुधवार दोपहर बाद बनबसा स्थित 57वीं वाहिनी एफ कंपनी मुख्यालय पहुंचे एसएसबी के एडीजी ने भारत-नेपाल की सुरक्षा एजेंसियों के साथ मीटिंग की। उन्होंने सीमा की स्थिति के बारे में जानकारी हासिल की। साथ ही सीमा पर दोनों देशों के अधिकारियों को समय-समय पर बैठक करने, सूचनाओं का आदान-प्रदान करने, सीमा पर अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगाने, तस्करी, मानव तस्करी, मादक पदार्थ तस्करी पर रोक लगाने और आपसी तालमेल पर जोर दिया। उन्होंने दोनों देशों के अधिकारियों को सीमा सुरक्षा के अलावा भारत-नेपाल मैत्री को भी और मजबूती प्रदान करने की अपील की।
बैठक में नेपाल पुलिस के एसपी प्रकाश चंद, एपीएफ के एसपी इंद्रराज कार्की, डीएसपी नेत्र केसी, एसएसबी के डीआईजी एके दास, कमांडेंट केसी राना, डिप्टी कमांडेंट संजीव तिवारी, एफ कंपनी के प्रभारी असिस्टेंट कमांडेंट सी मगेश, एपीओ अनूप चौधरी, तहसीलदार रमेश चंद्र गौतम, डीएसपी आरएस रौतेला आदि मौजूद थे। बाद में उन्होंने गढ़ीगोठ स्थित 1 करोड़ 83 लाख 25 हजार और धनुषपुल स्थित 3 करोड़ 39 लाख की लागत से निर्मित नए भवनों का उद्घाटन किया।