बरसात के मौसम में आपदा का खतरा बढ़ जाता है। टनकपुर तहसील क्षेत्र में भी प्रशासन ने तीन बाढ़ नियंत्रण चौकियां स्थापित की गई है, लेकिन इन चौकियों के इंचार्जों का या तो स्थानांतरण हो चुका है या फिर वे अक्सर आउट आफ स्टेशन ही रहते हैं।
बरसात का मौसम है। ऐसे में कब कहां आपदा या बाढ़ आ जाए कुछ कहां नहीं जा सकता। प्रशासन भी आपदा से निपटने के लिए अपने स्तर पर व्यवस्था करता है, लेकिन प्रशासन की व्यवस्था क्या वास्तव में लोगों को आपदा से राहत दिलाने के लिए पुख्ता है। सितारगंज में मृत और रिटायर्ड कर्मचारियों की आपदा कंट्रोल रूम में ड्यूटी लगा दी गई। यही हाल यहां की तीन आपदा चौकियों का भी हैं। बनबसा आपदा चौकी में जिस जवान का मोबाइल नंबर दिया गया है, दरअसल उसका रानीखेत स्थानांतरण हो चुका है। दूसरी आपदा चौकी के नंबर पर ईओ नगर पालिका को फोन किया गया तो वो अल्मोड़ा थे। तीसरी आपदा चौकी का मोबाइल नंबर आउट आफ रेंज था। ऐसे में यदि क्षेत्र में आपदा आ जाए तो पीड़ितों को कैसे राहत मिल पाएगी।