च्यूरानी जीप हादसे में आठ लोगों की मौत का दंश झेल रहे मिर्तोली गांव में रोजमर्रा की छिटपुट गतिविधियां शुरू हो गई हैं। मंगलवार को यहां चूल्हे जले तो गौशाला से जुड़ा काम भी शुरू हुआ। विलाप और शोक अब भी जारी है। सांत्वना देने के लिए लोगों के आने का सिलसिला शुरू हो गया है।
मंगलवार को दुखी मन से गांव में मृतक खीम चंद्र की बेटी भावना ने चूल्हा-चौकी शुरू की। वहीं पूसी देवी ने गौशाला का काम शुरू किया। गांव के दोनों नौलों में आठ मृतकों में से सात तारादत्त जोशी, कृष्ण चंद्र जोशी, त्रिलोक सिंह, सुरेश चंद्र, प्रकाश सिंह, खिलानंद और हेम चंद्र जोशी की आत्मा की शांति के लिए क्रिया मंगलवार से विधि विधान के साथ शुरू की गई। इस पूरी गतिविधि में तीन घंटे से अधिक का समय लगा। ये क्रिया पीपलपानी तक जारी रहेगी। नौले के पास तक कई महिलाएं भी अपने को जाने से रोक नहीं सकीं। मंगलवार दोपहर बाद से सांत्वना देने के लिए दूसरे गांवों के लोग भी आने लगे।
जिला अस्पताल से डिस्चार्ज हुए हादसे के तीन घायल
दो घायलों के स्वास्थ्य में तेजी से हो रहा सुधार
चंपावत। च्यूरानी में रविवार को हुए पिकअप जीप हादसे के पांच घायलों में से तीन को जिला अस्पताल से मंगलवार को छुट्टी दे दी गई।
जिला अस्पताल के मुख्य चिकित्साधीक्षक डॉ.आरके जोशी ने बताया कि तीनों घायलों जगत सिंह (60) पुत्र मोहन संह, दिनेश भंडारी (15) पुत्र धन सिंह और लाल सिंह (46) पुत्र शेर सिंह सभी मिर्तोली निवासी को अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया गया है। घायल भवान सिंह और दीवान सिंह की हालत में तेजी से सुधार हो रहा है।
छह अन्य लोगों का हल्द्वानी सुशीला तिवारी अस्पताल और ऋषिकेश के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में इलाज चल रहा है। बता दें कि टनकपुर-पिथौरागढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच) में निर्माणाधीन बारहमासी मार्ग में च्यूरानी के पास रविवार को हुए पिकअप जीप हादसे में मिर्तोली के आठ लोगों की मौत हो गई थी। जबकि 11 लोग घायल हुए थे।
नौंवे दिन से शुरू होगी खीम चंद्र की क्रिया
च्यूरानी हादसे के शिकार बने खीम चंद्र (42) पुत्र कल्याण चंद्र की क्रिया अभी शुरू नहीं हो सकी है। ग्राम प्रधान लक्ष्मीदत्त जोशी ने बताया कि खीम चंद्र के बेटे रोहित का यज्ञोपवीत संस्कार नहीं हुआ है। मृतक खीम के दामाद के आने के बाद नौंवे दिन से क्रिया शुरू होगी।
निर्माणाधीन बारहमासी में सड़क अब भी जोखिम भरी
चंपावत। टनकपुर-पिथौरागढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग में निर्माणाधीन बारहमासी मार्ग में हादसे के बावजूद आवाजाही कई जगह बेहद खतरनाक बनी हुई है। तिलौन के पास कलमर्ट निर्माण के दौरान मार्ग संकरा और कीचड़युुक्त है। गड्ढों से बचाव के लिए कोई इंतजाम भी नहीं किया गया है। राष्ट्रीय राजमार्ग खंड के लोहाघाट के अधिशासी अभियंता एलडी मथैला का कहना है कि ऐसे इलाकों में क्रासटेप सहित सावधानी के अन्य उपाय कराए जा रहे हैं।
बारहमासी सड़क क्षेत्र में पुलिस की गश्त बढ़ाई
चंपावत। पुलिस ने निर्माणाधीन बारहमासी रोड में लोहाघाट से घाट के बीच के 25 किलोमीटर हिस्से में सुरक्षा के बंदोबस्त बढ़ा दिए हैं। पुलिस अधीक्षक धीरेंद्र गुंज्याल ने बताया कि इस इलाके में एक दरोगा के नेतृत्व में पुलिस टीम नियमित रूप से गश्त करेगी। जो ओवरलोड, तेज गति से चलने वाले वाहनों पर नजर रखेगी।