चंपावत में वर्षो से अधूरा पड़ा शहीद सेनानी स्मारक।
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चंपावत जिले में शहीदों की स्मृतियों को संजोने के लिए निर्माणाधीन शहीद स्मारक अब भी अधर में लटका हुआ है। चंपावत में सैनिक कल्याण विभाग के परिसर में वर्षों पूर्व शुरू किया शहीद स्मारक निर्माण आज तक पूरा नहीं हो सका है। धन की कमी से यह काम अधूरा है।
आजादी के बाद से अब तक चंपावत जिले में विभिन्न युद्धों और ऑपरेशनों में कुल 72 जवानों ने शहादत दी। इन शहीदों की स्मृति में सामूहिक रूप से एक शहीद स्मारक का निर्माण सैनिक कल्याण विभाग परिसर में पांच साल पूर्व शुरू किया गया था। मगर धन की कमी से स्मारक का काम बंद हो गया।
जनवरी 2016 में क्षेत्र के दौरे पर आए तत्कालीन मुख्यमंत्री हरीश रावत ने अधूरे शहीद स्मारक को पूरा करने के लिए चार लाख रुपये देने का एलान किया लेकिन उनकी यह घोषणा अब तक पूरी नहीं हो सकी। जिला सैनिक कल्याण अधिकारी कर्नल (रिटायर्ड) एनएस जोधा का कहना है कि शहीद स्मारक में शहीदों के नामों के अंकन, प्लेटफार्म से लेकर फिनिशिंग का काम बाकी है।
धनाभाव के चलते यह काम पूरा नहीं हो पाया है। इधर एडीएम टीएस मर्तोलिया का कहना है कि इस मामले को दिखाया जाएगा।