चमरौली का स्थलीय निरीक्षण करते वनाधिकारी।
- फोटो : अमर उजाला
बाराकोट के चमरौली में सड़क निर्माण के नाम पर 122 बांज के पेड़ों के काटने के मामले में वन विभाग की टीम ने मंगलवार को स्थलीय निरीक्षण किया। मुआयने में पेड़ काटने की पुष्टि हुई है। काटे गए पेड़ों की लकड़ियां मौके पर नहीं मिली।
मंगलवार को उप प्रभागीय वनाधिकारी एमएस सिरोही और काली कुमाऊं के वन क्षेत्राधिकारी हेम चंद्र गहतोड़ी ने दलबल के साथ मौके में पहुंचकर स्थलीय निरीक्षण किया। बताया कि मौके में काटे गए पेड़ों के ठूंठ मिले हैं। शिनाख्त छिपाने के लिए ठूंठों में आग लगाई गई थी। मौलानी, चामी, चमरौली, सील के लिए अवैध तरीके से रोड बनाने का प्रयास करते हुए 122 बांज के पेड़ों को अवैध रूप से काट दिया गया है।
रेंजर ने बताया कि जिस तरह से बांज के जंगल के बीच से सड़क का समरेखण तैयार किया गया है, उसमें बहुत अधिक संख्या में पेड़ आ रहे हैं। जिन्हें काटने के लिए उनमें लाल रंग का निशान भी लगाया गया है। बताया कि मौलानी से सड़क काटने की शुरुआत की गई थी, मगर कुछ प्रतिनिधियों के विरोध के चलते यहां से सड़क नहीं काटी जा सकी। टीम में अनुभाग अधिकारी उत्तमनाथ, वन बीट अधिकारी कुंवर सिंह, गिरीश जोशी शामिल थे।
कटे पेड़ राजस्व क्षेत्र में आते हैं
वन क्षेत्राधिकारी हेम चंद्र गहतोड़ी का कहना है कि जिस स्थान में बांज के पेड़ काटे गए हैं, वह क्षेत्र राजस्व विभाग में आता है। इसी कारण पेड़ काटने की सूचना उप जिलाधिकारी को दे दी गई है। इधर, एसडीएम आरसी गौतम का कहना है कि जांच कर अवैध रूप से पेड़ काटने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।