पार्टी से लगे जौलाड़ी गांव में शराब की दुकान खोलने के खिलाफ गांव की महिलाओं ने मोर्चा खोल दिया है। आक्रोशित महिलाओं ने गांव में शराब की दुकान खोलने के लिए चयनित की जाने वाली जमीन पर काम कर रहे श्रमिकों के औजार छीनकर निर्माण कार्य रुकवा दिया। इस दौरान महिलाओं और जमीन के मालिक के बीच तीखी नोकझोंक भी हुई। शराब की दुकान खोले जाने की आशंका को देखते हुए महिलाओें संबंधित जगह को रात भर घेरे रखा।
पाटी के समीपवर्ती जौलाड़ी गांव में शराब की दुकान खोले जाने के विरोध में गांव की महिलाएं शुक्रवार को सुबह से ही लोगों को एकजुट करने में जुट गई। क्षेत्रवासियों के अनुसार शुक्रवार की सुबह से गांव में शराब की दुकान खोलने के लिए चयनित की जा रही जमीन के मालिक ने जमीन पर साफ-सफाई और खुदान करने के लिए श्रमिकों को लगा दिया था। शाम करीब तीन बजे इससे आक्रोशित महिलाओं ने मौके पर पहुंचकर जमीन पर काम कर रहे श्रमिकों के औजारों को छीन कर काम रुकवा दिया। इस दौरान महिलाओं व जमीन के मालिक के बीच नोकझोंक भी हुई।
विवाद बढ़ता देख पाटी के थानाध्यक्ष प्रेम विश्वकर्मा ने दलबल के साथ मौके पर पहुंच गए। महिलाओं और युवाओं ने थानाध्यक्ष को प्रस्ताव देकर गांव में शराब की दुकान न खोलने की मांग की। महिलाओं का कहना था कि इस जगह से 50 मीटर की दूरी में पब्लिक स्कूल, 65 मीटर में प्राथमिक स्कूल व ब्लाक संसाधन केंद्र व 100 मीटर की दूरी पर स्वास्थ्य केंद्र है। थानाध्यक्ष के समझाने पर महिलाएं शाम को अपने घरों को रवाना हो गई। लेकिन बाद में देर शाम से फिर महिलाओं ने शराब की दुकान खुलने के आशंका में उस जगह को घेरे रखा। आक्रोशित महिलाओं ने शनिवार को मौके पर प्रदर्शन किया। उन्होंने क्षेत्र में शराब की दुकान खोलने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी है। आबकारी निरीक्षक भरत प्रसाद ने बताया कि पाटी में फिलहाल शराब की दुकान का प्रस्ताव नहीं है।
जिले में नहीं खुल पाई हैं छह दुकानें
चंपावत जिले में शराब की फिलहाल आधा दर्जन दुकानें नहीं खुल पाई है। जिला आबकारी अधिकारी दीपाली साह ने बताया कि जिले की शराब की 16 दुकानों में से 11 ही खुल सकी है। सूखीढांग, सिन्याड़ी, चंपावत, लोहाघाट की कुल छह दुकानें अभी नहीं खुल सकी है। और पाटी की विदेशी शराब की दुकान फिलहाल बाराकोट में चल रही है।