चंपावत शहर में पूर्ति विभाग के गोदाम के समीप प्रस्तावित शराब की दुकान अब नहीं खुलेगी। महिलाएं यहां खोली गई शराब की दुकान को बंद करने की मांग को लेकर 28 अप्रैल से आंदोलन कर रही थीं। आंदोलन के नौवें दिन शनिवार को उप जिलाधिकारी व शराब की दुकान के स्थल चयन करने वाली समिति की अध्यक्ष सीमा विश्वकर्मा ने महिलाओं को इस दुकान को बंद करने का आश्वासन दिया। साथ ही बंद दुकान के भीतर का सामान हटाने के आबकारी विभाग को निर्देश दिए।
पूर्ति विभाग के गोदाम के नजदीक 28 अप्रैल को कुछ घंटों के लिए शराब की दुकान खुली। दुकान खुलने की भनक लगने पर उसी दिन शाम से महिलाओं ने आंदोलन शुरू कर दिया था। प्रशासन की ओर से आंदोलन कर रही महिलाओं और अन्य लोगों के खिलाफ कोतवाली में मुकदमा भी दर्ज किया गया था, लेकिन इससे भी महिलाओं के हौसले कम नहीं हुए। 28 अप्रैल से शुरू आंदोलन शनिवार की शाम तक जारी रहा। शनिवार की शाम को एसडीएम ने आंदोलन स्थल पर जाकर महिलाओं को यहां दुकान नहीं खोलने का भरोसा दिलाया। इस आश्वासन के बाद महिलाओं ने आंदोलन वापस ले लिया। एसडीएम से वार्ता के दौरान पालिका अध्यक्ष प्रकाश तिवारी, सभासद कलावती देवी, नरेश जोशी, हेमा जोशी, विमला बोहरा, पुष्पा गोस्वामी, तुलसी, शांति, दीपा जोशी, गोदावरी, भूमा देवी, नरी देवी, मीना देवी, भूपेंद्र गोस्वामी आदि मौजूद थे।
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कालेज वाली रोड पर शराब की दुकान खुली, विरोध शुरू
लोहाघाट (चंपावत)। लोहाघाट में पीजी कॉलेज वाली रोड पर शनिवार को शराब की दुकान खोली गई। इसकी जानकारी मिलने पर महिलाओं और छात्राओं ने विरोध भी शुरू कर दिया। प्रदर्शन करने के बाद कॉलेज वाले मोटर मार्ग पर कुछ देर के लिए जाम लगा दिया।
दुकान बंद करवाने की मांग को लेकर महिलाएं एसडीएम कार्यालय गई। लेकिन वहां किसी अधिकारी को न देख महिलाएं वापस शराब की दुकान के सामने धरने पर बैठ गई। महिलाओं का कहना था कि आबादी वाली जगह में शराब की दुकान खोले जाने से माहौल बिगड़ेगा। आंदोलन की भनक लगते ही थानेदार मीनाक्षी नौटियाल के नेतृत्व में पुलिस बल पहुंच गया। खबर लिखे जाने तक शराब की दुकान बंद नहीं हुई थी।