लोगों के भारी विरोध के चलते जिले के ज्यादातर हिस्सों में शराब की दुकान नहीं खुल सकी है। मगर शुक्रवार को देवीधुरा में अंग्रेजी शराब की दुकान खुल गई है। उधर, पाटी में अब भी शराब की दुकान नहीं खोलने देने को लेकर महिलाओं ने लाठी-डंडों के साथ प्रदर्शन किया।
लोगों की निगरानी के चलते चंपावत, लोहाघाट, पाटी, भिंगराड़ा, सिन्याड़ी, सूखीढांग सहित 11 दुकानें नहीं खुल पा रही है। पाटी में भी महिलाओं का शराब की दुकान का विरोध जारी है। शुक्रवार को भी महिलाओं ने हाथों में दंराती, लाठी, डंडे लेकर रात भर पहरा दे रही हैं।
कमला बिष्ट के नेतृत्व में हेमा बिष्ट, यशोदा देवी, ममता बिष्ट, केशवी देवी, कमला बिष्ट, लक्ष्मी देवी, हीरा देवी, अनीता देवी, सरस्वती देवी, गीता देवी, शांति देवी, रेनू बिष्ट आदि महिलाएं अलग-अलग टोलियों में घूम-घूम कर पहरा दे रही हैं। महिलाओं का कहना है कि लोगों के घर बार उजाड़ने वाली शराब की दुकान को किसी भी हालत में नहीं खुलने दिया जाएगा। कहा कि शराब की दुकानों में तोड़फोड़ करने के साथ आग के हवाले करने में भी महिलाएं पीछे नहीं हटेंगी।
उधर जिला आबकारी अधिकारी दीपाली शाह ने बताया कि चंपावत जिले में देसी-विदेशी शराब की 16 दुकानों में से ही पांच दुकानें खुल सकी है। टनकपुर और बनबसा की दो-दो के अलावा देवीधुरा में एक शराब की दुकान खुली है। अन्य दुकानों को खोलने के प्रयास किए जा रहे हैं। फिलहाल जिले में करीब एक करोड़ रुपए रोजाना के राजस्व का नुकसान हो रहा है।