क्वैराला घाटी की सिप्टी-अमकड़िया मोटर मार्ग की अड़चन दूर नहीं हो रही है। मार्ग में सात अप्रैल को महज एक दिन फावड़ा चला था। इसके बाद से काम लटका हुआ है। नाराज ग्रामीणों ने स्वतंत्रता दिवस के कार्यक्रम के बाद नदोला गांव में इस सड़क के काम को शुरू करने की मांग को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। कहा कि उन्हें तमाम सियासी दल रोड को लेकर आश्वासन देते रहे हैं, लेकिन इसे लेकर गंभीरता नहीं है। काम जल्द शुरू नहीं होने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी।
प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) के अंतर्गत स्वीकृत 14.15 किमी लंबी सड़क 8.26 करोड़ रुपये से बननी है। सात अप्रैल को विधायक कैलाश गहतोड़ी ने पहला फावड़ा चलाया था, लेकिन तकनीकी अड़चन से एक दिन बाद से काम ठप है। कहा कि इस मार्ग के बनने से ओखलढुंगा, दुनिया, मिरतोला, नदोला, भंतोला, नैक्याना, ग्वाड़, बर्मी, बांस, अमकड़िया आदि गांव सड़क मार्ग से जुड़ सकेंगे। प्रदर्शन करने वालों में दुर्गा देवी, मंती देवी, बनी देवी, भवानी देवी, पुष्पा, जानकी, दीपा, हेमा भट्ट, प्रकाश सिंह, गिरीश भट्ट, खुशाल सिंह, सुरेश जोशी सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल थे।
जल्द दूर होंगी अड़चनें : ईई
सड़क के काम का श्रीगणेश होने के बाद अड़चन की वजह प्रतिपूरक जमीन को लेकर उलझा मामला है। अलबत्ता अब मामला निपट गया है। दुनिया, मिर्तोला गांव के 14.62 हेक्टेयर क्षेत्र को पौधरोपण के लिए चयनित किया गया है। इसे लेकर वन पत्रावली दोबारा बनाई गई है।
पीएमजीएसवाई की कार्यदायी संस्था के अधिशासी अभियंता वैभव गुप्ता का कहना है कि वन भूमि को लेकर तमाम अड़चनें दूर कर ली गई है। इस माह के अंत में देहरादून में होने वाली बैठक में इस सड़क की सभी बाधाएं दूर हो जाएंगी। इसके बाद इस मार्ग पर काम शुरू कर दिया जाएगा।