राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय छात्रसंघ ने कॉलेज की अनदेखी करने का सरकार पर आरोप लगाते हुए दस दिनों में समस्याओं का समाधान नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है। उन्होंने इस बाबत डीएम को ज्ञापन भेजा।
छात्रसंघ अध्यक्ष कमल सिंह रावत की अध्यक्षता में हुई वर्तमान और पूर्व छात्र नेताओं की बैठक में कहा गया कि पिछले साल नवंबर में देहरादून में मुख्यमंत्री द्वारा आश्वासन दिए जाने के बावजूद कॉलेज की समस्याओं के हल को एक भी कदम नहीं उठाया गया। कहा गया कि एमएससी, एमकॉम, पीजी में अंग्रेजी, हिंदी, शिक्षाशास्त्र, इतिहास, समाज शास्त्र, स्नातक में संस्कृत, मनोविज्ञान, शिक्षा शास्त्र विषय खोलने के अलावा पुस्तकालय की समस्याओं को दूर करने की सीएम से मांग की गई थी, मगर एक भी मामले में दो माह से अधिक बीतने पर कोई कार्रवाई नहीं की गई है।
छात्र नेताओं ने दस दिनों की मोहलत देते हुए आश्वासन का क्रियान्वयन नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है। बैठक में पूर्व अध्यक्ष मुकेश महराना, प्रकाश तिवारी, वीरेंद्र कठायत, प्रकाश बिनवाल, कमल माहरा, नरेंद्र मोहन जोशी, सनी वर्मा, संजय रावत, पूर्व उपाध्यक्ष कैलाश जोशी, भुवन चंद्र, भाजपा जिलाध्यक्ष हिमेश कलखुड़िया, उपाध्यक्ष नेहा महर, छात्रा उपाध्यक्ष ज्योति बोहरा, सचिव कमल किशोर जोशी आदि मौजूद थे।