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Champawat News: धारचूला में कब होगा पार्किंग का इंतजार खत्म

Sun, 30 Nov 2025 11:15 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावत
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धारचूला में पशुपालन विभाग की इस भूमि पर प्रस्तावित है पार्किंग। संवाद
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धारचूला(पिथौरागढ़)। स्वीकृति के पांच साल बाद भी आदि कैलाश, कैलाश मानसरोवर यात्रा मार्ग के मुख्य पड़ाव और अंतरराष्ट्रीय सीमा से लगे धारचूला में पार्किंग का निर्माण शुरू नहीं हो सका है। स्वीकृति के बाद कार्यदायी संस्था का चुनाव भी कर लिया गया। बकायदा कार्यदायी संस्था ने प्राथमिक आंकलन तैयार कर इसे शासन में भेजा। अब तक भी इस प्रस्ताव को स्वीकृति का इंतजार है और पार्किंग निर्माण की फाइल सरकारी कार्यालयों में घूम रही है।
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धारूचला में हर रोज आदि कैलाश, ओम पर्वत दर्शन के लिए देश के विभिन्न हिस्सों से पर्यटक पहुंचते हैं। वहीं रोजाना जिले के विभिन्न हिस्सों से एक हजार से अधिक टैक्सी वाहन नगर में प्रवेश करते हैं। पार्किंग न होने से वाहनों को सड़कों पर खड़ा करना मजबूरी बना है जो आए दिन जाम का कारण बन रहे हैं। इस गंभीर समस्या के हल के लिए पांच साल पूर्व पशुपालन विभाग की 10 नाली भूमि पर बहुमंजिला पार्किंग की स्वीकृति मिली थी। उम्मीद थी कि जल्द पार्किंग धरातल पर उतरेगी और जाम की समस्या से वाहन चालकों के साथ ही यात्रियों और पर्यटकों को मुक्ति मिलेगी।
अब तक पार्किंग का निर्माण शुरू न होने से सभी निराश होकर दिक्कत का सामना कर रहे हैं। कार्यदायी संस्था लोनिवि ने पार्किंग निर्माण के लिए 85.28 लाख प्रस्ताव तैयार शासन में भेजा है। सभी को इसकी स्वीकृत मिलने का इंतजार है। यह इंतजार कब खत्म होगा इसका जवाब किसी के पास नहीं है।
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इनसेट-

पशुपालन विभाग की भूमि पर हैं आवासीय भवन और 20 से अधिक पेड़



पशुपालन की जिस भूमि पर पार्किंग प्रस्तावित है यहां चार आवासीय भवन हैं। वहीं एक चारा बैंक भी यहां स्थापित किया गया है। भूमि पर 20 से अधिक पेड़ मौजूद हैं। ऐसे में इस भूमि पर बहुमंजिला पार्किंग प्रस्तावित कर इसे स्वीकृति देना चर्चा का विषय बना है।

बोले लोग-



नगर में वाहनों का दबाव हर रोज बढ़ रहा है और पार्किंग निर्माण की योजना दम तोड़ गई है। पार्किंग न होने से नगर में आए दिन जाम लग रहा है। वहीं वाहन चालकों को चालान भी भुगतना पड़ रहा है। हालात यह हैं कि वाहनों के दबाव के चलते स्कूली बच्चों को बमुश्किल आवाजाही करनी पड़ रही है। - प्रवेश सिंह नबियाल, अध्यक्ष, व्यास टैक्सी यूनियन, धारचूला

पिछले पांच साल से प्रस्तावित टैक्सी स्टैंड की फाइल सरकारी कार्यालयों में घूम रही है। कैलाश मानसरोवर, आदि कैलाश यात्रा यात्रियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए यहां पार्किंग की जरूरत है। जल्द की पार्किंग का निर्माण शुरू होना चाहिए। - केशर सिंह धामी, अध्यक्ष, छिपलाकेदार टैक्सी यूनियन, धारचूला



कोट-

प्रस्तावित टैक्सी स्टैंड के लिए पूर्व में 85.28 लाख रुपए प्रथम चरण का इस्टीमेट शासन को भेजा गया है। इसकी स्वीकृति का इंतजार है। स्वीकृति मिलने के बाद डीपीआर बनाई जाएगी। - आशीष लुंठी, एई, लोक निर्माण विभाग,अस्कोट
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