अलग जिला बनने के बीस साल बाद भी चंपावत जिला मुख्यालय में राज्य परिवहन निगम का बस अड्डा अस्तित्व में नहीं आ सका है। ये हाल तब है जब प्रस्तावित रोडवेज बस स्टेशन के लिए भूमि हस्तांतरण का कार्य सात महीने पूर्व ही कर दिया गया है।
कार्यदायी संस्था पेयजल निर्माण निगम (सीएनडीएस) की ओर से प्रस्तावित रोडवेज परिसर में शेड निर्माण के लिए 3.5 करोड़ रुपये की डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) शासन को भेजी गई है, लेकिन अब तक धनावंटन की मंजूरी नहीं मिलने से रोडवेज बस स्टेशन के निर्माण का कार्य अधर में लटका हुआ है।
जिला मुख्यालय में स्थित लोक निर्माण विभाग के खंडीय कार्यालय को अगस्त 2016 में गोरलचौड़ रोड में शिफ्ट किए जाने के साथ ही नौ अगस्त को लोनिवि की 23 नाली भूमि का हस्तांतरण परिवहन निगम को कर दिया गया था। इस परिसर में लोनिवि के कार्यालय भवन यथावत बने हैं।
रोडवेज की ओर से स्टेशन संचालन के लिए यहां तीन कर्मचारियों की तैनाती की गई है। लेकिन परिसर में किसी तरह का सेड नहीं होने तथा अंदर बाहर जाने का मार्ग नहीं होने से परिसर में सन्नाटा रहता है। रोडवेज बस स्टेशन निर्माण के लिए परिवहन निगम की ओर से सीएनडीएस को कार्यदायी संस्था बनाया गया है।
सीएनडीएस के सहायक अभियंता बीसी जोशी के अनुसार स्टेशन में बसों की पार्किग, यात्रियों के लिए सुविधाओं, टिकट काउंटर और प्रतीक्षा हाल के लिए 3.5 करोड़ रुपये की डीपीआर को अब तक मंजूरी नहीं मिलने से कार्य प्रारंभ नहीं हो पाया है।