चंपावत। बारिश के बीच आए मलबे से टनकपुर-पिथौरागढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग मंगलवार को दो घंटे बंद रहा। इसके चलते फंसे यात्रियों को दुश्वारी झेलनी पड़ी। वहीं जिले में एक राज्य मार्ग सहित कुल छह सड़कें अभी भी बंद हैं।
एनएच पर सुबह 11:30 बजे से करीब डेढ़ बजे तक तीन जगह मलबा आने से वाहनों का आवागमन बाधित रहा। चल्थी पुल के नजदीक, स्वांला और अमोड़ी क्षेत्र में बारिश के बीच पहाड़ी से मलबा और पत्थर आने से आवाजाही नहीं हो सकी। राष्ट्रीय राजमार्ग खंड की मशीन से मलबे को हटाए जाने के बाद दोपहर डेढ़ बजे आवागमन सुचारू हुआ। आवाजाही तो शुरू हो गई लेकिन एनएच पर वाहनों का संचालन जोखिमभरा है।
चंपावत जिले की बंद छह सड़कें
टनकपुर ककरालीगेट-ठुलीगाड़, धौन-सल्ली, स्यांला-पोथ, चल्थी-नौलापानी, टाकखंडक-बालातड़ी और बांस बस्वाड़ी-जाख-जनकांडे सड़क।
जिले की बारिश का आंकड़ा मिमी में
चंपावत : 3
लोहाघाट: 1
पाटी: 5
बनबसा: 8
चंपावत का तापमान : अधिकतम 25 डिग्री सेल्सियस और 18 न्यूनतम डिग्री सेल्सियस।
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बारिश के बीच खुले रहे स्कूल
चंपावत। 10 जुलाई के बाद इंटर तक के छात्र-छात्राएं को मंगलवार को दूसरे दिन स्कूल गए। 11, 12, 14 और 15 जुलाई को भारी बारिश की आशंका में स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्र बंद किए गए थे। 16 को रविवार और 17 जुलाई को हरेला का अवकाश था। पिछले चार दिनों में नामभर की बारिश हुई। वहीं मंगलवार को कई बार तेज बारिश हुई। इस कारण दूरदराज के विद्यालयों में उपस्थिति कम रही।