चंपावत/लोहाघाट/पाटी/टनकपुर। कोरोना की दूसरी लहर के असर को कम करने के लिए रविवार को लगा साप्ताहिक कर्फ्यू चंपावत जिले में पूरी तरह सफल रहा। डीएम विनीत तोमर और एसपी लोकेश्वर सिंह ने कहा कि साप्ताहिक कर्फ्यू का पालन कर आम लोगों ने कारोना के खिलाफ लड़ाई में प्रतिबद्धता जताई है। जिले के सभी क्षेत्रों में दवाई की दुकानों को छोड़ अन्य सभी कारोबारी प्रतिष्ठान बंद रहे।
चाय, खाने के होटल, मिठाई से लेकर सब्जी की दुकानें तक पूरी तरह बंद रहीं। अधिकांश जगह लोग भी घरों से बाहर कम ही निकले। अलबत्ता रोडवेज की बसों का संचालन बदस्तूर जारी रहा। यद्यपि बसों को सैनिटाइज करने से लेकर मास्क पहनने तक का पालन तो हुआ, लेकिन कुछ बसों में निर्धारित क्षमता से 50 प्रतिशत सवारी ले जाने के नियमों की अनदेखी भी हुई। चंपावत, लोहाघाट, पाटी, बाराकोट सहित तमाम नगर और गांवों में रविवार को सन्नाटा छाया रहा। दुकानें बंद रही और ज्यादातर सड़क वीरान रहीं। एटीएम खुले होने के बावजूद रुपये निकालने वालों की संख्या खासी कम थी। रोडवेज के लोहाघाट डिपो की 18 में से छह (दिल्ली और बरेली दो-दो, ऋषिकेश और हल्द्वानी एक-एक) बस सेवाएं संचालित नहीं हुईं। स्टेशन प्रभारी मंजुल कुमार ने बताया कि बसों को रवाना करने से पूर्व सैनिटाइज किया गया।
वहीं टैक्सी संचालकों को भी मुसाफिरों का टोटा झेलना पड़ा। टैक्सी यूनियन संचालक एलएम भट्ट ने बताया कि रविवार को इक्का-दुक्का टैक्सियां ही यहां से रवाना हुई। एडीएम टीएस मर्तोलिया, तहसीलदार ज्योति धपवाल, सीओ अशोक सिंह, कोतवाल धीरेंद्र कुमार कर्फ्यू के दौरान लगातार व्यवस्थाओं का जायजा लेते रहे।
टनकपुर में भी साप्ताहिक कर्फ्यू का व्यापक असर रहा। दवा और शराब की दुकानों को छोड़कर अन्य दुकानें बंद रही। सुबह के समय सड़कों पर लोगों थोड़ी चहल-कदमी नजर आई, लेकिन दोपहर बाद बाजार में सन्नाटा पसरा रहा। लोग घरों से बाहर कम निकले। मां पूर्णागिरि धाम में भी सुनसानी रही। यात्री न होने से टैक्सी वाहन खड़े रहे। रोडवेज की पचास प्रतिशत बसें चलने और बसों में क्षमता से पचास प्रतिशत ही सवारी बैठाने से यात्रियों को परेशानी झेलनी पड़ी। इधर लॉकडाउन के कारण कोरोना टीकाकरण कार्य भी बंद रहा।
1800 लीटर के बजाय सिर्फ 300 लीटर दूध बिका
चंपावत/लोहाघाट। साप्ताहिक कर्फ्यू के दिन रविवार को दूध की खपत में भारी कमी आई। आंचल दूध के वितरक रमेश जोशी ने बताया कि कर्फ्यू की वजह से रविवार को 1800 लीटर के बजाय सिर्फ 300 लीटर दूध की बिक्री हुई। वहीं लोहाघाट के ग्रामीण क्षेत्रों से बाजार दूध और सब्जी लाने वालों को भी झटका लगा। इन तमाम लोगों को खरीदार नहीं मिलने से दूध और सब्जी वापस ले जानी पड़ी।
खरीदारों का इंतजार करते रहे शराब विक्रेता
चंपावत। साप्ताहिक कर्फ्यू के दिन रविवार को दवा के अलावा सिर्फ शराब की दुकानें खुली रहीं, लेकिन दारू की ये तमाम दुकानें ग्राहकों को तरस गईं। प्रभारी जिला आबकारी अधिकारी पीएस कन्याल ने बताया कि कर्फ्यू के दिन जिले की सभी 15 दुकानों में शराब की बिक्री में 85 प्रतिशत की कमी आने का अनुमान है।
कोविड जांच हुई, लेकिन टीकाकरण नहीं
चंपावत। साप्ताहिक कर्फ्यू के चलते रविवार को कोविड का टीकाकरण नहीं हुआ। सीएमओ डॉ. आरपी खंडूरी ने बताया कि अब सोमवार को जिले के सभी 11 केंद्रों में टीकाकरण किया जाएगा। वहीं रविवार को बनबसा के जगबुड़ा से लेकर पाटी के किमवाड़ी तक चार स्थानों पर कोविड की जांच की गई।
मास्क न पहनने पर छह लोगों पर हुई कार्रवाई
बनबसा (चंपावत)। बनबसा में रविवार को लॉकडाउन पूर्णतया सफल रहा। सीओ अविनाश वर्मा ने बताया कि नेपाल से बनबसा आने वालों की संख्या न के बराबर रही। इस दौरान स्वास्थ्य विभाग की टीम के साथ पुलिस भी चंपावत के प्रवेश द्वार बनबसा स्थित जगबूड़ा पुल पर बनी कोरोना जांच चौकी में गंभीरता से चेकिंग जुटे रहे। बताया कि बिना मास्क के लॉकडाउन में घरों के बाहर निलने के जुर्म में छह लोगों पर कार्रवाई की गई।