अमर उजाला ब्यूरो
चंपावत। अब तक शादी-ब्याह वाले घरों में असमंजस की स्थिति बनी हुई थी। विवाह के लिए तो उन्हें अनुमति मिल जाती थी, लेकिन विवाह सामग्री नहीं मिल पाती थी। इसकी वजह थी विवाह के लिए जरूरी सामान मिलने वाली दुकानों का पूरी तरह से बंद होना। मगर अब विवाह के लिए आवश्यक सामान जुटाना आसान होगा, क्योंकि जिला प्रशासन ने कुछ शर्तो के साथ विवाह संबंधी सामग्री वाली दुकानें खोलने की इजाजत दे दी है।
लॉकडाउन की अवधि में वैसे तो बेहद कम शादियां हुईं। इस दौरान सिर्फ पांच विवाह हुए, लेकिन आवश्यकीय सामग्री वाली दुकानों को छोड़ अन्य दुकानों के बंद होने से शादी के इन कार्यक्रमों के लिए जरूरी सामग्री जुटाना लोगों के लिए मुश्किल हुआ। लोगों ने किसी तरह शादी की रस्म पूरी कराईं। इससे ज्यादातर लोगों को विवाह के फीकेपन के साथ दान न कर पाने का भी अफसोस रहा। अलबत्ता अब विवाह कराने वालों को कुछ राहत मिलेगी। जिला प्रशासन ने कुछ शर्तो के साथ इन दुकानों से खरीद की अनुमति दे दी है। इधर पुरोहित पंडित बसंत पांडेय का कहना है कि जून में इक्का-दुक्का लग्न को छोड़ अक्तूबर तक विवाह के लग्न नहीं है।
:: सिर्फ विवाह संबंधी सामग्री बिकेगी :: विवाह के लिए शर्तो के साथ अनुमति दी जा रही है। दूल्हा-दुल्हन के अलावा तीन और लोग विवाह में शामिल हो सकते हैं। विवाह के लिए जरूरी सामग्री नहीं मिलने की दिक्कत को देखते हुए विवाह सामग्री वाली दुकानों को सिर्फ विवाह करने वाले को सामान देने की अनुमति दी जा रही है। इसके लिए प्रशासन द्वारा जारी विवाह की अनुमति पत्र का उपयोग किया जा सकेगा। मगर विवाह सामग्री बेचने वाले किसी अन्य व्यक्ति को न तो सामान बेच सकेंगे और नहीं दुकान खोल सकेंगे। - सुरेंद्र नारायण पांडे, डीएम
:::कारोबार पर पड़ी छह करोड़ की मार::: चंपावत। चंपावत जिले में लॉकडाउन से अब तक 21 विवाह स्थगित हो गए हैं। विवाह टलने से चंपावत जिले के कारोबार पर छह करोड़ रुपये से अधिक की मार पड़ी है। बारातघरों और होटलों में विवाह की बुकिंग कैंसिल हो गई है। बैंडबाजा, कपड़े, जूते-चप्पल, सोने के आभूषण, ब्यूटी पार्लर, खानपान सहित तमाम व्यवसायों इसकी जद में आए हैं।