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शारदा से दूसरे दिन 290 वाहनों ने की खनिज निकासी

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ढ़ने गलगा है बनबसा शारदा बैराज पर नदी का जलस्तर । - फोटो : TANAKPUR
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टनकपुर (चंपावत)। शारदा में खनन जारी है। मंगलवार को दूसरे दिन करीब 290 वाहनों ने खनिज निकासी की। इधर प्रशासन की हिदायत के बाद खनन विभाग नेे कोरोना संक्रमण से बचाव के नियमों पर सख्ती कर दी है। निकासी गेटों पर वाहन मालिकों के जमावाड़े पर अंकुश लगाने को अब स्टोन क्रशर मालिकों के मोबाइल फोन पर ई-रव्वना जारी करने की व्यवस्था लागू की गई है। वहीं निगरानी के लिए निकासी गेटों पर सीसी कैमरों को भी अपडेट कर दिया गया है।
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लॉकडाउन में रियायत के बाद प्रशासन ने करीब सवा आठ सौ वाहनों में से हर दिन साढ़े तीन सौ वाहनों को शारदा से खनिज निकासी की अनुमति दी है। खनन प्रभारी हरीश पाल ने बताया कि मंगलवार को दूसरे दिन अप स्ट्रीम से 81 वाहनों ने और डाउन स्ट्रीम से 210 वाहनों ने नियमों का पालन करते हुए खनिज निकासी की। सीओ विपिन चंद्र पंत ने अप और डाउन स्ट्रीन खनिज निकासी गेटों का निरीक्षण कर कोरोना संक्रमण से बचाव के नियमों के पालन की स्थिति का जायजा लिया।
खनन बंद रखने की मांग, सीएम को भेजा ज्ञापन
टनकपुर। क्षेत्र के कई लोग शारदा से खनन को कोरोना संक्रमण के लिए खतरा बताकर विरोध कर रहे हैं। प्रकृति प्रेमी सौरभ कलखुडिया समेत कई लोगों ने मुख्यमंत्री और जिलाधिकारी को फैक्स से ज्ञापन भेजकर फिलहाल खनन बंद रखे जाने की मांग की है। उनका कहना है कि खनन की आड़ में चोरी-छीपे भारत-नेपाल के बीच आवागमन से कोरोना संक्रमण का खतरा पैदा हो सकता है। ज्ञापन में भीम रजवार, नरेश सिंह, विमल अग्रवाल, अशोक पाल, मोहित गड़कोटी, गुुमान सिंह, कमल पंत आदि के हस्ताक्षर हैं।
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शारदा नदी का जलस्तर बढ़ने से बिजली उत्पादन भी बढ़ा
बनबसा (चंपावत)। शारदा नदी का जलस्तर बढ़ने के साथ ही एनएचपीसी के टनकपुर पावर स्टेशन और लोहियाहेड पावर हाउस का विद्युत उत्पादन बढ़ने लगा है। मई माह के बाद से नदी का जलस्तर और अधिक बढ़ने की उम्मीद है।
शारदा नदी का जलस्तर बढ़ने के साथ ही क्षेत्र के पावर हाउसों का विद्युत उत्पादन बढ़ने लगा है। एक पखवाड़े पूर्व नदी में कम पानी प्रवाहित होने से एनएचपीसी के बनबसा स्थित टनकपुर पावर स्टेशन का विद्युत उत्पादन 45 से 50 मेगावाट हो रहा था जो अब बढ़कर 70 से 85 मेगावाट तक पहुंच गया है। बीते दिवस नदी का जलस्तर बढ़ने से पावर हाउस का विद्युत उत्पादन 90 मेगावाट तक पहुंच गया। वहीं लोहियाहेड पावर हाउस का विद्युत उत्पादन 20 मेगावाट से बढ़कर 30 से 33 मेगावट पहुंच गया है।
शारदा हेडवर्क्स के एसडीओ बृजेश मौर्य के मुताबिक पिछले माह नदी का जलस्तर चार हजार क्यूसेक के करीब था जो अब बढ़कर पांच से छह हजार क्यूसेक पहुंचने से विद्युत गृहों में अधिक बिजली बननी शुरू हो गई है। उन्होंने बताया कि मई माह के बाद नदी का जलस्तर और अधिक बढ़ने से क्षेत्र के बिजली घरों में उत्पादन भी बढ़ेगा। बताया कि मई में गर्मी बढ़ने के बाद पहाड़ों में बर्फ पिघलने से नदी के जलस्तर में इजाफा होगा।
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