चंपावत गोलज्यू ग्रीष्मोत्सव में सांस्कृतिक पेश करत स्थानीय स्कूल के बच्चे।
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गोलज्यू ग्रीष्मोत्सव की पहली सांस्कृतिक संध्या में मौसम ने खासा खलल डाला। खराब मौसम के चलते बुधवार की रात होने वाले कई सांस्कृतिक कार्यक्रम नहीं हो पाए। इसके चलते दर्शकों को मायूस होना पड़ा। सांस्कृतिक संध्या के शुरूआत स्थानीय स्कूल के बच्चों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए। स्कूली बच्चों के कार्यक्रमों को देखने के लिए दर्शकों की काफी भीड़ उमड़ी हुई थी।
गोरलचौड़ मैदान में आयोजित पहली सांस्कृतिक संध्या का शुभारंभ पूर्व गोलज्यू ग्रीष्मोत्सव एवं शैक्षिक उन्नयन समिति अध्यक्ष प्रकाश तिवारी ने किया। सांस्कृतिक कार्यक्रमों की शुरूआत जीजीआईसी की छात्राओं ने सरस्वती वंदना के साथ की। इसके बाद सना और उनके साथियों ने चैत की चैतोली कुमाऊंनी नृत्य पेश कर समां बांध दिया। कार्तिक सक्सेना और साथियों ने देशभक्ति गीत पेश किया। माडर्न स्कूल की छात्राओं ने भी सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए। इसके बाद जन जागृति कला मंच, बिंदुखत्ता नैनीताल की टीम ने प्रहलाद मेहरा के नेतृत्व में सांस्कृतिक कार्यक्रम पेश करने थे। लेकिन मौसम की बेरुखी के चलते टीम सांस्कृतिक कार्यक्रम पेश नहीं कर पाई। जिसके कारण दर्शकों को मायूस होना पड़ा।
मुकेश गिरी, नीरज जोशी और गंगा बिष्ट के संचालन में हुए कार्यक्रम में डॉ. यशवंत बोरा, विजय चौधरी, नवल जोशी, चंचल सिंह कुंवर, विमल पांडेय और विकास गिरी ने सहयोग दिया। मेला कमेटी अध्यक्ष तिवारी ने बताया कि महोत्सव में हथकरघा प्रदर्शनी लगाई गई है। जिसमें काष्ठ कला, कालीन, सिल्क की साड़ी, काटन शूट के साथ ही 42 दुकानें लगाई गई हैं। पड़ोसी देश नेपाल की काष्ठ कला और दुग्ध उत्पादों को भी प्रदर्शनी में शामिल किया गया है। महोत्सव में झूले, ड्रेगन रेल समेत तमाम मनोरंजन के साधन लगाए गए हैं। जो बच्चों के साथ ही अन्य लोगों के आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं।