चंपावत। जिले के विभिन्न क्षेत्रों में बीते चार दिनों से रुक-रुक कर हो रही बारिश के कारण जनजीवन प्रभावित हो रहा है। ओलावृष्टि के कारण घाटी वाले क्षेत्रों में गेहूं की फसल और बागवानी को नुकसान पहुंच रहा है। जिन स्थानों पर ओलावृष्टि नहीं हुई है वहां के किसान खुश हैं। उनका कहना है कि यह बारिश आलू की फसल के लिए फायदेमंद साबित होगी।
लधियाघाटी क्षेत्र के किसान मदन सिंह, भगवान सिंह, गंगा सिंह आदि का कहना है कि मौसम के बदलते मिजाज से गेहूं की कटाई प्रभावित होने का अंदेशा है। ओलावृष्टि के कारण खड़ी फसल को नुकसान पहुंचा है। फसल के सड़ने की आशंका है। दूसरी ओर सायली के किसान गिरधर सिंह रावत, पूरन सिंह आदि का कहना है कि बारिश के कारण आलू की पौध को जमने का अवसर मिला है। जिला उद्यान अधिकारी टीएन पांडेय के अनुसार हालिया बारिश से सूखते खेतों को नया जीवन मिलने के साथ बागवानी को काफी लाभ पहुंचेगा।
चंपावत का तापमान
अधिकतम-15 डिग्री सैल्शियस न्यूनतम-10 डिग्री सैल्शियस बाक्स
कहां कितनी हुई बारिश
पाटी-05 एमएम
लोहाघाट-02 एमएम
चंपावत-00 एमएम
बनबसा-09 एमएम
तीन दिन के भीतर दें नुकसान की जानकारी
चंपावत। जिले में वर्तमान में हो रही ओलावृष्टि, अतिवृष्टि से फसलों, फलों और सब्जियों को हुए नुकसान को लेकर प्रशासन ने तीन दिन के भीतर नुकसान से संबंधित जानकारी उपलब्ध कराने के लिए कहा है। एडीएम हेमंत कुमार वर्मा ने बताया कि राजस्व विभाग, कृषि, उद्यान विभाग के अधिकारी, कर्मचारी संयुक्त रूप से सर्वेक्षण कर ओलावृष्टि, अतिवृष्टि होने से फसलों, फलों एवं सब्जियों के नुकसान से संबंधित आख्या क्षेत्र के एसडीएम को तीन दिन के भीतर उपलब्ध कराएंगे। यदि क्षति राज्य आपदा मोचन निधि के नवीनतम मानकों पर आधारित होती है तो संबंधित एसडीएम मानक अनुसार प्रभावितों को राहत राशि वितरित करना सुनिश्चित करेंगे। संवाद