लोहाघाट के राइकोट में उपजाऊ खेतों से बाईपास बनाने का विरोध करते ग्रामीण। स्रोत: ग्रामीण
लोहाघाट (चंपावत)। लोहाघाट के राइकोट के ग्रामीणों ने टनकपुर-पिथौरागढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग पर देवराड़ी बैंड से राइकोट होते हुए मरोड़ाखान तक प्रस्तावित बाईपास मार्ग का सर्वे करने पहुंची टीम का विरोध किया। ग्रामीणों ने कहा कि उपजाऊ खेतों से बाईपास नहीं बनाने दिया जाएगा। इसके चलते सर्वे के लिए आई टीम को बैरंग लौटना पड़ा। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि उनके उपजाऊ खेतों से जबरन एनएच का बाईपास बनाने की कोशिश की गई तो आंदोलन किया जाएगा।
बृहस्पतिवार को तहसीलदार जगदीश सिंह नेगी के नेतृत्व में राइकोट गांव में बाईपास निर्माण के सर्वे के लिए एनएच और राजस्व विभाग टीम के आने की भनक लगते ही ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। ग्राम प्रधान प्रशासक प्रतिनिधि प्रदीप कुंवर सहित अन्य ग्रामीणों ने कहा कि बाईपास बनने से उनके खेत-खलिहान, आवासीय क्षेत्र और पर्यावरण को नुकसान पहुंचा सकता है। विभाग को ऐसी जगह से सर्वे करना चाहिए, जिससे ग्रामीणों की कम से कम उपजाऊ एवं नाप भूमि कटे और बाईपास भी बन जाए।
कहा कि ग्रामीण उपजाऊ नाप भूमि से बाईपास का निर्माण नहीं होने देंगे। चेतावनी दी कि यदि उनकी मांग नहीं मानी गई और उनकी नाप व उपजाऊ भूमि से बाईपास निर्माण किया गया तो उग्र आंदोलन किया जाएगा। सर्वे टीम ने ग्रामीणों की आपत्तियों को सुना और उन्हें आश्वस्त किया कि उनकी समस्या को उच्च अधिकारियों तक पहुंचाया जाएगा। ग्रामीणों के विरोध के चलते सर्वे का कार्य रोक दिया गया। तहसीलदार नेगी ने बताया कि जल्द ही ग्रामीणों के साथ बैठक कर बीच का रास्ता निकाला जाएगा। इस दौरान ललिता देवी, लक्ष्मण सिंह, दीवान सिंह, पुष्पा देवी, रेखा देवी मौजूद रहे।