लोहाघाट (चंपावत)। नगर और ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल किल्लत है। जल संस्थान की ओर से पिकअप और के जरिये पानी की आपूर्र्ति शुरू कर दी गई है, लेकिन इससे भी लोगों को जरूरत के हिसाब से पानी नहीं मिल पा रहा है। लोग गाढ़ गधरों, हैंडपंपों से पानी भरने को मजबूर हैं।
लोहाघाट नगर में पेयजल की गंभीर समस्या है। नगर के लिए विभिन्न स्रोतों से मांग के अनुरूप मात्र करीब 25 फीसदी ही पानी मिल पा रहा है। इसके चलते लोगों को दूसरे तीसरे दिन बहुत कम मात्रा में पानी मिल पा रहा है। नगर के लोग हैंडपंपों, गधेरों आदि स्थानों से पानी लाने को मजबूर हैं।
जल संस्थान के एई पवन बिष्ट ने बताया कि लोहाघाट नगर के लिए रोजाना करीब 21 सौ केएल पानी की जरूरत है। इसके सापेक्ष मात्र 465 केएल पानी ही मिल पा रहा है।
बताया कि नगर के लिए बनी बनस्वाड़ पेयजल योजना से प्रतिदिन 35 केएल, चौड़ी लिफ्ट पेयजल योजना से 400 केएल, ऋषेश्वर के नलकूप से 30 केएल पानी मिल रहा है। फोर्ती योजना सूख चुकी है, जिससे पानी नहीं मिल पा रहा है। नगर के लोग पानी की तलाश में अक्कल धारे, नर्सरी गधेरे, शिवालय मंदिर में बने स्टेंड पोस्ट, हैंडपंपों पर जा रहे हैं।
पूरी तरह से सूख चुकी है डनगांव पेयजल योजना
लोहाघाट (चंपावत)। विकासखंड के दूरस्थ डनगांव की पेयजल योजना पूरी तरह से सूख चुकी है। जहां एक दिन छोड़कर पिकअप के जरिये जलापूर्ति की जा रही हैं।
वहीं करीब एक सप्ताह से वर्षा होने से बनस्वाड़ पेयजल योजना से 25 से 30 केएल पानी मिल रहा है। इससे लोहाघाट के ठाड़ाढुंगा और कचहरी वार्ड में पहले दो दिन के अंतराल पर दिया जा रहा पानी अब एक दिन छोड़कर दिया जा रहा है। न्यायिक बंदीगृह में लगातार जलापूर्ति की जा रही है। इसमें एक दिन टैंकर से और एक दिन नल से पानी दिया जा रहा है।
पानी की किल्लत को दूर करने के लिए नगर और ग्रामीण क्षेत्रों में टैंकरों के जरिये जलापूर्ति शुरू कर दी है। टैंकर लोहाघाट नगर के टैंक, कलीगांव टूंडा, बनीगांव, डनगांव कायल, डुंगराबोरा, रौंसाल, पाटी, खेतीखान, बाराकोट मयो, पुनई, बापरू गांवों में पिकअप टैंकरों से जलापूर्ति की जा रही है।
- पवन बिष्ट, सहायक अभियंता, जल संस्थान।